Haryana News: हरियाणा में दमकल कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रदेशभर में 25 से ज्यादा दमकल कर्मचारियों को निलंबन और सेवा समाप्ति से जुड़े आदेश जारी किए गए हैं। सरकार की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश है। भिवानी में कर्मचारियों ने सरकार के आदेशों की प्रतियां फूंककर विरोध जताया और साफ शब्दों में चेतावनी दी। निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई से आंदोलन दबने वाला नहीं है, बल्कि अब इसे और तेज किया जाएगा।
दरअसल, अपनी मांगों को लेकर दमकल विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसी बीच सरकार की ओर से हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, प्रदेशभर में 25 से अधिक कर्मचारियों पर निलंबन और सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। भिवानी में भी तीन नियमित दमकल कर्मचारियों अजय कुमार, नरेंद्र कुमार और राजेश कुमार को निलंबित कर हेडक्वार्टर किए जाने की बात कर्मचारी यूनियन ने कही है। वहीं पे-रोल कर्मचारियों को भी ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार की कार्रवाई के विरोध में भिवानी नगर परिषद परिसर में कर्मचारियों ने आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान अजय श्योराण ने कहा कि कर्मचारी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे निलंबित करे या सेवा समाप्त करे, कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं और आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
अजय श्योराण ने कहा कि सरकार ने हड़ताल खत्म करने के लिए पे-रोल कर्मचारियों को भी ड्यूटी ज्वाइन करने का अल्टीमेटम दिया है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने दावा किया कि अब सर्व कर्मचारी संघ और दूसरे कर्मचारी संगठन भी आंदोलन के समर्थन में उतर चुके हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को पूरी तरह लागू करना शामिल है।
वहीं नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार और मंत्री कृष्ण बेदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में सफाई कर्मचारियों का भला चाहती है तो कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और ठेका प्रथा को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा में कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और केवल आश्वासन या बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा।
प्रदेश सचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा
पुरुषोत्तम दानव ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के खिलाफ जारी कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार से 13 मई के समझौते को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कर्मचारी नेताओं को धमकाने की बजाय सरकार से हड़ताल खत्म कराने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
इस पूरे मामले में सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य ने भी सरकार पर कर्मचारियों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निलंबन और सेवा समाप्ति की कार्रवाई से कर्मचारियों का आंदोलन खत्म नहीं होगा। अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो कर्मचारी जनता के बीच जाएंगे और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यानी हरियाणा में दमकल कर्मचारियों की हड़ताल बनाम सरकार की कार्रवाई का टकराव अब और बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ सरकार ने 25 से ज्यादा कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और सेवा समाप्ति से जुड़े आदेश जारी किए हैं, तो दूसरी तरफ कर्मचारी संगठन पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
कर्मचारी नेताओं ने दो टूक कहा है मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल जारी रहेगी और आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। अब बड़ा सवाल यही है कि सरकार की कार्रवाई के बाद आंदोलन थमेगा या प्रदेशभर में कर्मचारियों का संघर्ष और उग्र होगा।