Haryana News: सियासत में मौसम बदलते ही नेताओं के रंग बदलने की बात अक्सर कही जाती है, लेकिन डबवाली के विधायक आदित्य देवीलाल ने सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तंज कसते हुए इसी राजनीतिक मुहावरे को कुछ ज्यादा ही चुटीले अंदाज में पेश कर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी मौसम में भाजपा के नेता जनता का वोट हासिल करने के लिए अलग-अलग किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। सिरसा के लघु सचिवालय में खेती से जुड़े मुद्दों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में आदित्य देवीलाल ने मुख्यमंत्री सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे चुनाव के समय बिहार गए तो खुद को बिहारी बताया और अब पंजाब में जाते हैं तो पंजाबी की संज्ञा देने लगे हैं।
आदित्य ने कहा कि विधानसभा में उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर सवाल भी किया था। उनका कहना था कि पगड़ी सिख समाज और गुरु साहिब की पहचान है तथा सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए अलग-अलग रूप धारण करना उचित नहीं है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस तरह से किरदार बदले जा रहे हैं, उन्हें तो आशंका है कि कहीं भविष्य में कोई और नया भेष न सामने आ जाए और संभावना है कि ये कहीं औरत का लिबास न पहन लें।
आदित्य देवीलाल ने सिरसा के किसानों की हालत को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि सिरसा जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है, लेकिन इस बार मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उनके अनुसार बारिश नहीं होने से धान की फसल प्रभावित हुई है। ग्वार में फली नहीं आई, जबकि नरमा शॉर्ट हो रहा है और काला पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई किसान अपनी ग्वार की फसल तक उखाड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए अब सबसे जरूरी काम किसानों की वास्तविक स्थिति को जमीन पर जाकर देखना है। प्रशासन को समय रहते सिरसा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा और युवा विंग के जिलाध्यक्ष भगवान कोटली भी मौजूद रहे ।
आदित्य देवीलाल ने विशेष गिरदावरी करवाने की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट रूप से दर्ज करना चाहिए कि कितने क्षेत्र में फसल बोई गई थी, कितनी फसल खराब हुई और कितने एकड़ में किसान मजबूरी में ट्रैक्टर चलाकर फसल उखाड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि गिरदावरी में देरी हुई तो बड़ी संख्या में किसान मुआवजे से वंचित हो सकते हैं। उनका कहना था कि किसान के खेत में खड़ी फसल अगर मौसम की मार से खत्म हो रही है तो सरकारी रिकॉर्ड में उसकी तस्वीर भी साफ दिखाई देनी चाहिए। आदित्य देवीलाल ने पंजाब चुनाव के संदर्भ में भी मुख्यमंत्री सैनी पर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बड़ी संख्या में लोगों के वोट काटे गए हैं और मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पंजाब का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चुनावी दौरे करने के बजाय हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। आदित्य के अनुसार प्रदेश में लूट, डकैती और हत्या जैसी वारदातें हो रही हैं। उन्होंने विधानसभा में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाने का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री से आंकड़े मांगे तो मुख्यमंत्री ने आंकड़ों की बजाय प्रतिशत के आधार पर जवाब देना शुरू कर दिया। आदित्य देवीलाल का तंज साफ था। चुनाव के मैदान में किरदार बदलने से ज्यादा जरूरी है कि सरकार अपने ही प्रदेश के खेत और हालात देखे। किसान के खेत में अगर फसल नहीं बची तो राजनीतिक भाषणों की हरियाली भी ज्यादा दिन तक असर नहीं छोड़ पाएगी।