Haryana Building Code: हरियाणा के गुरुग्राम, सोनीपत समेत कई शहरों में अब घर बनाने के नये नियमों पर काम हो रहा है। नये संशोधन के मुताबिक चार मंजिल तक की फ्लैट बनाए जा सकते हैं वहीं एक घर के ऊपर एक ही घर बनाया जा सकता है। बहुमंजिला भवनों में सुरक्षा कारणों को लेकर यह फैसला लिया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में संशोधन का मसौदा जारी किया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में एक ही मंजिल पर कई स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाए जाने से भवनों में रहने वालों की संख्या स्वीकृत क्षमता से अधिक हो रही है। ऐसे भवनों में आग या अन्य आपदा के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित संशोधनों पर 25 जुलाई तक आम जनता और हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गई हैं।
बड़े शहरों में बहुमंजिला इमारतों की संख्या अधिक
हरियाणा के विभागीय अधिकारियों के अनुसार गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, करनाल, हिसार और रोहतक जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे मकान बने हैं, जहां एक ही मंजिल पर दो या उससे अधिक स्वतंत्र फ्लैट विकसित कर दिए गए हैं। इससे एक ही प्लॉट पर रहने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। जबकि भवन निर्माण की अनुमति प्लॉट के आकार, एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) और अन्य विकास मानकों को ध्यान में रखकर दी जाती है।
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क्या बदलने जा रही है सरकार
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार किसी भी आवासीय प्लॉट पर एक मंजिल में केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाने की अनुमति होगी। आसान शब्दों में कहें तो यदि किसी प्लॉट पर चार मंजिल बनाने की अनुमति है तो हर मंजिल पर एक-एक घर बनाया जा सकेगा। इस प्रकार पूरे भवन में अधिकतम चार स्वतंत्र घर ही बन सकेंगे। एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक अलग-अलग फ्लैटों में विभाजित करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही भवन को संबंधित क्षेत्र के जोनिंग प्लान और आर्किटेक्चरल कंट्रोल शीट के अनुरूप ही विकसित करना होगा।
25 जुलाई तक मांगे गए सुझाव
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी कर आम नागरिकों, बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स और अन्य हितधारकों से 25 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां भेजने को कहा है। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद संशोधनों को अंतिम रूप दिया जाएगा।