Haryana News: हरियाणा के भिवानी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने देशवासियों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान किया। वहीं गेस्ट टीचर और HKRN कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी सरकार के प्रयासों को लेकर अपनी बात रखी। हरियाणवी पहनावे और संस्कृति से लेकर Gen Z तक, सांसद ने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने भिवानी समेत पूरे हरियाणा और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले वीर शहीदों और महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलन को याद करते हुए कहा कि देश को आजादी बड़े संघर्ष और बलिदानों के बाद मिली है।
सुभाष बराला ने देशवासियों से भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को समरसता के भाव के साथ आगे बढ़ाना है और 2047 तक भारत को दुनिया का अग्रणी एवं विकसित राष्ट्र बनाने में हर नागरिक को अपना योगदान देना चाहिए।
गेस्ट टीचर और HKRN कर्मचारियों के मुद्दे पर सांसद ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 के बाद पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ठेका प्रथा को खत्म कर HKRN व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को रोजगार और जॉब सिक्योरिटी देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर सहित कई कर्मचारियों से जुड़े मामले अभी अदालतों में लंबित हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग के कर्मचारियों का भला हो और लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए।
हरियाणवी पहनावे और संस्कृति पर भी बोले बराला
सुभाष बराला स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक हरियाणवी परिधान में नजर आए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है और हरियाणवी संस्कृति व पहनावा भी पूरे भारत में अलग पहचान रखता है। उन्होंने नई पीढ़ी से आधुनिक परिधान अपनाने के साथ-साथ अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने की अपील की। बराला ने कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखना भी बेहद जरूरी है।
हरियाणा की एकता को लेकर संदेश देते हुए सांसद ने कहा कि उनके लिए मंत्र है—हरियाणा एक, हरियाणवी एक, साथ रहेंगे और साथ बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सभी हरियाणवी मिलकर आगे बढ़ेंगे तो प्रदेश के साथ-साथ हर नागरिक भी तरक्की करेगा। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमलों को लेकर सवाल पर बराला ने राजनीतिक टिप्पणी से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस है और यह दिन वीर शहीदों तथा आजादी की लड़ाई लड़ने वाले सेनानियों को याद करने का है। उन्होंने कहा कि आज केवल अच्छी और सकारात्मक बातें करना बेहतर रहेगा, जबकि राजनीतिक मुद्दों के लिए आगे बहुत समय है।
वहीं Gen Z को लेकर भी सुभाष बराला ने बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक को अपनाना अच्छी बात है, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल युग, देश, सभ्यता और संस्कृति के अनुकूल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की भविष्य की पीढ़ी यानी आज की Gen Z के हाथों में भारत का भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर देश की तरुणाई अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़कर आगे बढ़ेगी, तो 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता। कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुभाष बराला ने देश की एकता, हरियाणवी संस्कृति, कर्मचारियों के कल्याण और नई पीढ़ी की भूमिका को लेकर अपना संदेश दिया और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।