Haryana News: इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरियाणा की राजनीति और पानी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को हिसार में चौधरी देवीलाल की जयंती पर कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक की जाएगी।
अभय चौटाला ने बताया कि पार्टी हर वर्ष चौधरी देवीलाल की जयंती मनाती है और इस बार भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैठक में जाने से पहले वह चैनेत गांव भी जाएंगे, जहां पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह कम से कम हजार लोगों को अपने साथ धरना स्थल पर लेकर जाएंगे। चौटाला ने कहा कि लोगों को पानी के लिए धरना देना पड़ रहा है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
‘T लगाने और हटाने को लेकर राजनीति’ का आरोप
अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि पहले गांव में पानी देने के लिए T लगाने की बात हुई और बाद में उसे हटाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह T लगाने और हटाने का निर्णय किसके निर्देश पर हुआ। उन्होंने कहा कि इसे लगाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा और हटाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर कुछ नेता दिल्ली भी गए थे और T हटवाने की मांग की गई थी। चौटाला ने कहा कि भाजपा के एक कार्यकर्ता राजकुमार यादव ने धरने पर ₹51,000 देकर घोषणा करवाई कि पैसे की कमी के कारण आंदोलन खत्म नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे राजनीतिक दोहरेपन का उदाहरण बताया।
पानी समझौते और जन आंदोलन की चेतावनी
अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा से राजस्थान को पानी देने का मुद्दा समझौते के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि समझौते के अनुसार पहले तीन डैम बनने चाहिए थे, लेकिन बिना डैम बनाए पानी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस और अब भाजपा दोनों सरकारों ने ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिन्हें उन्होंने बिना पूरी जानकारी के लिया गया फैसला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
घोटालों की जांच की मांग
अभय चौटाला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ दी गई 200 पेज की चार्जशीट पर जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि पहले भी भाजपा सरकार से कांग्रेस काल के घोटालों की जांच की मांग की गई थी और शर्त रखी गई थी कि अगर वे गलत साबित होते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने दावा किया कि अब कई अधिकारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार के 20 कथित घोटालों की जांच की मांग को भी दोहराया।