Delhi News: दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा की दिल्ली के डिस्कॉम्स के CAG ऑडिट का औपचारिक आदेश दिल्ली के बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह दिल्ली के प्रत्येक बिजली उपभोक्ता और प्रत्येक ईमानदार करदाता की जीत है।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद वर्षों तक अनेक वित्तीय निर्णय, विशेष व्यवस्थाएँ और लगातार बढ़ती देनदारियाँ की सार्वजनिक जांच नहीं हो सकी। पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने व्यवस्था की जांच करने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम किया था। जो कार्य वे दस वर्षों में नहीं कर सके, हमारी सरकार ने कुछ ही महीनों में उसकी शुरुआत कर दी है।
सूद ने यह भी कहा की दिल्ली की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि लगभग ₹38,000 करोड़ के रेगुलेटरी एसेट्स (Regulatory Assets) लगातार कैसे बढ़ते गए और इसका लाभ किसे मिला, जबकि इसका बोझ दिल्ली के लोगों पर पड़ा। CAG ऑडिट इन सभी तथ्यों को सामने लाएगा। ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा की यह केवल पूर्व सरकार के कामों की जांच नहीं है बल्कि यह ऑडिट तो दिल्ली के बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधारों की आधारशिला है। इसकी वास्तविक सफलता उन सुधारात्मक कदमों, अधिक प्रभावी नियमन और मजबूत जवाबदेही से तय होगी जो इसके बाद लागू किए जाएंगे।
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सूद ने आगे बताया की मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि दिल्ली का कोई भी ईमानदार करदाता किसी के निजी हितों, विशेष कृपा या गलत निर्णयों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं होगा। जनता के धन का प्रत्येक रुपया सुरक्षित रखना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। हमारी सरकार ने पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी की है। अब हमें सभी डिस्कॉम्स से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है। दिल्ली की जनता के आशीर्वाद से हम बिजली क्षेत्र को पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह जनहित में कार्य करने वाली व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।