Haryana News: हरियाणा में निवेश की नई संभावनाओं को गति देने और प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में और मजबूत करने के उद्देश्य से मुंबई में चल रहे 'हैपनिंग हरियाणा 2.0' ग्लोबल कैपिटल कैंपेन के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को प्रमुख निवेशकों, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्मों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस की। इस मौके पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की आर्थिक गति को तेज करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को ऐसा भरोसेमंद, रिस्पॉन्सिव और इन्वेस्टर-फ्रेंडली राज्य बनाना है, जहां निवेशकों को बेहतर कारोबारी अवसरों के साथ-साथ सरकार के साथ काम करने में विश्वास और सकारात्मक अनुभव मिले।
निवेशकों के सुझावों पर होगी ठोस और समयबद्ध कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान निवेशकों ने अपने अनुभवों के आधार पर कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। सरकार ने इन सभी सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर टाइम-बाउंड एक्शन प्लान में बदलने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यक होगा, सुझावों के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट विभागीय ओनरशिप सुनिश्चित किया जाएगा। भूमि, अप्रूवल और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित विषयों के सरलीकरण के लिए भी सरकार आवश्यक सुधार करेगी।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि निवेशकों की पोर्टफोलियो कंपनियां हरियाणा में एक्सपेंशन, मैन्युफैक्चरिंग, जीसीसी टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में अवसर तलाश रही हैं, तो हरियाणा सरकार की टीम उनके साथ आगे भी संवाद करने और हर संभव फैसिलिटेशन देने के लिए तैयार है। हरियाणा सरकार केवल निवेश नहीं, बल्कि उद्योग जगत के साथ लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप स्थापित करना चाहती है।
डिफेंस सेक्टर के लिए जल्द आएगी नई नीति
बैठक में निवेशकों द्वारा डिफेंस सेक्टर में निवेश और संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों की ओर से डिफेंस सेक्टर को लेकर सबसे अधिक सुझाव और रुचि सामने आई है। सरकार इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए जल्द ही डिफेंस सेक्टर से संबंधित नीति लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर क्लस्टर आधारित विकास की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। पिछले बजट में हरियाणा में 10 नए आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की गई थी और इस दिशा में भूमि संबंधी कार्य आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसी क्षेत्र में डिफेंस क्लस्टर को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जेवर एयरपोर्ट के निकट हरियाणा क्षेत्र में एक अन्य औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
उद्योग की जरूरत के अनुसार तैयार होगी स्किल्ड मैनपावर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को केवल भूमि और सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा सरकार ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों के साथ जोड़ते हुए एमओयू के माध्यम से इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में कदम उठाए हैं। इससे उद्योगों को आवश्यक स्किल्ड मैनपावर मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अप्रैल 2027 में हरियाणा में होगा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट
मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उनकी लीडरशिप टीम को अप्रैल 2027 में हरियाणा में आयोजित होने वाले हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में भागीदारी करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मुंबई में हुई यह बैठक हरियाणा और निवेशक समुदाय के बीच मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत बनेगी।
‘विकसित भारत’ के संकल्प में ‘विकसित हरियाणा’ की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हरियाणा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में निवेश का ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाए, जहां नीतियों का सरलीकरण, तेज अप्रूवल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल्ड मैनपावर और प्रभावी इन्वेस्टर फैसिलिटेशन एक साथ उपलब्ध हों।
उद्योग हितैषी नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, प्लग एंड प्ले मॉडल और निवेश प्रोत्साहनों की निवेशकों ने की सराहना
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में बड़ी कंपनियों जैसे ईक्यूटी, वारबर्ग पिंकस, डेविडसन केम्पनर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इंडिया, प्रेमजी इन्वेस्ट, वॉटरफील्ड एडवाइजर्स, 360वन(अल्टरनेट्स), समारा कैपिटल, आइवीकैप वेंचर्स, ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड, ब्लैक सॉइल, द इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ऑफ इंडिया - ग्रोथ अपॉर्चुनिटी फंड, ग्लोबल साउथ कैपिटल, एटॉमिक कैपिटल, एक्विलॉक कैपिटल, जशविक कैपिटल, यूनिकॉर्न वीसी, बीपीईएल इंडिया, गाजा कैपिटल इत्यादि के एमडी, फाउंडर और सीईओ ने भागीदारी की और अपने सुझाव दिये।
हरियाणा सरकार द्वारा निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए बनाई गई उद्योग हितैषी नीतियों की निवेशकों एवं उद्योगपतियों ने जमकर सराहना की। उन्होंने हरियाणा सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक आधारभूत संरचना और प्लग एंड प्ले मॉडल को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इससे नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में समय और लागत दोनों की बचत होती है। निवेशकों ने अपने सुझाव देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा सरकार की प्रगतिशील नीतियों और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के चलते प्रदेश में आने वाले समय में बड़े पैमाने पर नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।