PM Modi in Vadodara: गुजरात के वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान प्रतापनगर (वडोदरा) और टांडा रोड (धार) के बीच नई मेमू (MEMU) यात्री ट्रेन सेवा और अन्य ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। अभी जो देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं देश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस विकास पर्व पर आप सभी ने जिस सेवा भाव से और सेवा भाव के साथ, पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, उनकी सराहना करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्त धारा का आह्वान किया है। इस सप्त धारा में एक धारा गति शक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो। उन्होंने कहा कि "आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2800 किलोमीटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है। ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था... 2006 में इस काम को करने के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रहीं। फाइलें मेजों पर यात्रा कर रही थीं और दुर्भाग्य देखिए, इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ। 2014 में मुझे वडोदरा और गुजरात के लोगों ने गुजरात से निकालकर दिल्ली भेज दिया... सच्चाई ये थी कि 7-8 वर्ष में 1 किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर भी काम नहीं हो पाया था। अगर उनके हिसाब से देश चलाते तो आपके बाद तीन-चार पीढ़ियां आतीं, तब भी ये काम नहीं होता। भारत की लॉजिस्टिक प्रणाली को ट्रांस्फॉर्म करने वाली परियोजना की ये हालत थी। 2014 के बाद इस धरती ने मुझे जो सिखाया था, आपके पास से जो सीख लेकर मैं दिल्ली पहुंचा था। हमने वहां पहुंचते ही इसे गति देने का काम प्रारंभ कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी। गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वे भी इस परियोजना के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं। पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी साल भर ढोल पीटे जाते थे जबकि आज देश में साल भर एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आजभी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने देश के सामने विकसित भारत की जिन सप्त धाराओं का विजन रखा है, उसमें एक धारा मैन्युफैक्चरिंग की भी है और वडोदरा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है। शिक्षा, कौशल और इंडस्ट्री का कोलैब कैसे होता है, वडोदरा 150 सालों से इसका प्रतिबिंब है। अब तो ये शहर देश के पहले 'मेड इन इंडिया' मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जा रहा है। C-295 की पहली फ्लाइट यहां का आसमान देख चुका है। मैं वडोदरा के लोगों को ये गौरव पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत रेल कोच, मेट्रो कोच बनाने का, रेल इंजन बनाने का भी एक बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद से अब तक भारत ने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए हैं। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार शौचालय नहीं बना सकती थी।