Gold Price Today:सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रहा सोना अब बड़ी गिरावट के दौर से गुजर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गई। हालांकि, सोमवार को इसमें कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन 3 नवंबर को एक बार फिर सोने की कीमतों पर दबाव नजर आया। ऐसे में निवेशकों से लेकर धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के मन में सवाल है कि क्या गोल्ड की कीमतें अभी और गिरेंगी या फिर जल्द रिकवरी देखने को मिलेगी?
वहीं, 2 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने करीब 1.9 फीसदी की रिकवरी की और यह 3,948 डॉलर प्रति औंस के आसपास बंद हुआ। हालांकि, 3 नवंबर को फिर से गिरावट देखने को मिली। भारतीय वायदा बाजार MCX में भी सोना 3 नवंबर को करीब 1,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया।
आखिर क्यों गिर रही हैं सोने की कीमतें?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है। बाजार में उम्मीद की जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूती मिलती है। ऐसे में निवेशकों के लिए सोने के बजाय दूसरे निवेश विकल्प आकर्षक हो जाते हैं, क्योंकि सोने से कोई ब्याज नहीं मिलता।इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महंगाई की चिंता और वैश्विक बाजारों में निवेशकों की बदलती रणनीति ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है।
क्या आगे और सस्ता होगा सोना?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। MCX पर सोने के लिए 1,39,400 से 1,38,200 रुपये के आसपास सपोर्ट देखा जा रहा है, जबकि 1,41,400 से 1,42,000 रुपये के स्तर पर रेजिस्टेंस है।अगर सोना सपोर्ट स्तर से नीचे फिसलता है तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, डॉलर कमजोर होने और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर दबाव कम होने पर सोने की कीमतों में रिकवरी संभव है।
धनतेरस से पहले खरीदारों के लिए क्या है संकेत?
भारत में धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इस साल धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में कीमतों में गिरावट से खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।हालांकि, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 29 फीसदी कम रही। ऊंची कीमतों के कारण आभूषणों की मांग भी प्रभावित हुई है।
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