Rajnath Singh on Iran-US Mediation: जर्मनी के बर्लिन में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में अभी जैसे हालात हैं वैसे भारत सीधे मध्यस्थता नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने अपनी तरफ से कोशिश भी की है। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है। लेकिन आप जानते हैं कि हर चीज का एक सही समय होता है. हो सकता है कि आगे चलकर वो समय आए, जब भारत अपनी भूमिका निभाए और उसमें सफलता भी मिले।
इस दौरान जर्मनी के साथ संबंध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अपने आप में ये एक उपलब्धि है कि भारत और जर्मनी के बीच संबंध समय के साथ धीरे-धीरे मजबूत होते गए हैं और आज हमारे जर्मनी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और 2026 का ये साल हमारी लिए खास है क्योंकि ये साल हमारे जो जर्मनी के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध हैं उसके 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और 75 वर्ष का भारत और जर्मनी के रिश्तों का जो ये सफर रहा है उसमें परस्पर विश्वास बढ़ा है, परस्पर आदर बढ़ा है और हमारे संबंध लोकतांत्रिक मूल्य पर पूरी तरह से आधारित है और मैं कह सकता हूं कि भारत और जर्मनी के बीच ऐसे रिश्ते बने हैं जो कि लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
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पाकिस्तान में नहीं बनी बात
आपको बता दें कि राजनाथ सिंह का बयान ऐसे समय आया है कि जब अमेरिका और ईरान की बीच पहली बातचीत पाकिस्तान में हो चुकी है, दूसरी वार्ता फिलहाल टाल दी गई है। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे है कि कोई तीसरा देश बीच में आकर मध्यस्थता की जिम्मेदारी संभाल सकता है।