
Emmanuel Macron India Visit: फ्रांस के राष्ट्रपति एम्मानुएल मैक्रॉन इस हफ्ते दिल्ली में होने वाले इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार यह समिट सोमवार से शुरू हो रही है और इसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, नीति निर्माता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विशेषज्ञ शामिल होंगे। मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के दौरे पर रहेंगे।
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल
मैक्रों की ये यात्रा ऐसे समय हो रही है जब राफेल लड़ाकू विमान एक बार फिर भारत की रक्षा योजनाओं के केंद्र में आ गया है। सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की खरीद के 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये हाल के वर्षों के सबसे बड़े रक्षा खरीद फैसलों में से एक माना जा रहा है। इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने मंजूरी दी है। इससे पहले डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुका था। अब यह योजना तकनीकी और व्यावसायिक बातचीत के अगले चरण में जाएगी।
फ्रांस से आएंगे विमान
मंजूर योजना के तहत 114 डस्सॉल्ट रफले विमान खरीदे जाएंगे। इनमें से 18 विमान सीधे तैयार हालत में फ्रांस से आएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। करीब 90 विमान ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश में ही बनाए जाने की उम्मीद है। इसके लिए फ्रांस की कंपनी डस्सॉल्ट एविएशन भारतीय निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी।
क्या कहते हैं रक्षा विशेषज्ञ?
फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। ऐसे में अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, खासकर पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए। इस कार्यक्रम के तहत 88 सिंगल-सीट और 26 ट्विन-सीट विमान शामिल किए जाएंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए राफेल विमानों की तैनाती भारत की हवाई क्षमता को मजबूत करेगी, जब तक कि स्वदेशी AMCA और तेजस MkIA परियोजनाएं पूरी तरह तैयार नहीं हो जातीं।
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