पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की इजाजत, अपनी मौत की फरियाद लेकर पहुंचा था शख्स

पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की इजाजत, अपनी मौत की फरियाद लेकर पहुंचा था शख्स

Supreme Court: देश का सर्वौच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के युवक को इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को पैसिव यूथेनेसिया की इजाजत दी। कोर्ट ने कहा कि एम्स के पैलिएटिव केयर में उसे भर्ती किया जाएगा ताकी मेडिकल ट्रीटमेंट वापस लिया जा सके।

कोर्ट ने कहा कि ये निश्चित किया जाना चाहिए कि डिग्रिटी के साथ प्रक्रिया को पूरा किया जाए। बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उनके घरवालों की बात सुनी थी। 100 फीसदी दिव्यांगता के शिकार हो चुके बेटे के ठीक होने की आशा छोड़ चुके हरीश के माता-पिता ने उसे इच्छा मृत्यु देने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

वहीं, जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि यह बेहद दुखद रिपोर्ट है। ये फैसला करना हमारे लिए मुश्किल है। पर हम इस लड़के को यूं अपार दुख सहते नहीं देख सकते। हम उस स्टेज में है जहां आज हमें आखिरी निर्णय लेना होगा। जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है।

बता दें कि चंडीगढ़ में रह कर पढ़ाई कर रहे हरीश 2013 में अपने हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे। इससे उनके सिर में गंभीर चोटें लगी थी। उसके बाद से वह विस्तर पर अचेत अवस्था में है। लगातार विस्तर पर पड़े रहने के कारण उनके शरीर में घाव में हो गए हैं।

एम्स की रिपोर्ट में क्या 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को लेकर दिल्ली के एम्स से रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट में एम्स की तरफ से कहा गया था कि हरीश कभी ठीक नहीं हो सकता। तब जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि ये रिपोर्ट दुखद है। मामले में सरकार ने भी मेडिकल रिपोर्ट का समर्थन किया था।

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