
US-Iran Tension: मिडिल ईस्ट में हो रहे युद्ध ने पूरे विश्व में हलचल पैदा कर दी है। वैश्विक बाजार में तेल संकट गहराता जा रहा है। अमेरिका ने जो दावा किया है, वह दावा ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया। हालत ये हुई कि अमेरिका को अपना सोशल मीडिया पोस्ट हटना पड़ा और व्हाइट हाउस को सफाई देनी पड़ी।
दरअसल, अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया था कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया है, ताकी दुनिया में तेल आपूर्ति बनी रही।
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री का दावा फेल
क्रिस राइट ने अपने पोस्ट में लिखा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान भी वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने सफलतापूर्वक तेल टैंकर को होर्मुज ऑफ स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर रहा है। ताकी वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनी रही। हालांकि, क्रिस राइट का ये दावा उस वक्त गलत साबित हो गया जब, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉट नहीं किया है।
शिपिंग कंपनियों की सर्विस प्रभावित
हाल ही में यूके मैरीटाइट ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और अन्य एजेंसियों के आंकड़ों से स्थिति साफ होती दिख रही है। 1 से 10 मार्च के बीच कम से कम 10 तेल टैकरों पर हमले या हमले की कोशिश की गई है। इन घटनाओं ने शिपिंग देने वाले कंपनियों को चिंता में डाल दिया। अब आलम ये है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही ना के बराबर हो रही है। इसके कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल का भंडार बढ़ने लगा है।
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