
Cricket News: पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के बयान पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने करारा जवाब दिया है। ANI को दिए इंटरव्यू में कहा, "इस सवाल का जवाब देना भी सही नहीं है। इस तरह के बयान खिलाड़ियों और टीम को नीचा दिखाते हैं, जो नहीं होना चाहिए। बता दें कि 8मार्च को टी20विश्व कप के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से मात दे दी है।
8मार्च को अहमदाबाद के नरेद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार खिताब पर कब्जा किया। जिसके बाद पूरे देश में जश्न का माहौल था। वहीं दूसरी तरफ पूर्व क्रिकेटर ने एक पोस्ट डालकर टीम इंडिया की आलोचना कर दी। बता दें कि क्रीर्ति आजाद ने जीत के बाद ट्रॉफी को हनुमान मंदिर ले जाने पर अपनी नाराजगी जताई है।
कीर्ति आजाद ने क्या कुछ बोला
कीर्ति आजाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट डालकर लिखा कि शर्म करो इंडिया टीम इंडिया, जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्म के लोग थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत-हिंदुस्तान लाए थे। अभी भारतीय क्रिकेट टीम की ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? अगर मंदिर लेकर गए तो मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं?। यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं।
किसी एक धर्म की जीत का जश्न नहीं- कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद ने कहा कि सिराज ने कभी इसे मस्जिद में प्रदर्शित नहीं किया। संजू इसे कभी चर्च में नहीं ले गए। संजू ने इसमें अहम भूमिका निभाई और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। यह ट्रॉफी हर धर्म के 14 लाख भारतीयों की है। किसी एक धर्म की जीत का जश्न नहीं।
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