Search KhabarFast

Press ESC to close

पहले प्रयास में मिली असफलता, दूसरे में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 21, जानें IES अधिकारी मृदुपाणि  की कहानी

पहले प्रयास में मिली असफलता, दूसरे में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 21, जानें IES अधिकारी मृदुपाणि  की कहानी

UPSC IES Success Story: कहते हैं कि असफलता इंसान को बहुत कुछ सिखाती है। अगर हार के बाद व्यक्ति खुद से आगे बढ़ने का वादा कर ले, तो वही वादा उसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है मृदुपाणि नंबी की, जिन्होंने पहले प्रयास में असफल होने के बाद हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विस (IES) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल कर अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। मृदुपाणि नंबी हैदराबाद की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं हुई। बचपन से ही वह पढ़ाई में होशियार थीं और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने 12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई का रास्ता चुना।

इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री

उन्होंने जी. नारायण इंस्टीट्यूट से इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्हें यूपीएससी द्वारा आयोजित इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा (IES) के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने इसी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2020 में उन्होंने पहली बार IES परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। सबसे बड़ी बात यह रही कि वह प्रारंभिक परीक्षा सिर्फ एक अंक से पास होने से चूक गईं। यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी गलतियों से सीख ली।

असफलता के बाद भी नहीं मानी हार 

असफलता के बाद मृदुपाणि ने खुद से वादा किया कि वह अगले प्रयास में पूरी मेहनत करेंगी। उन्होंने मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और दूसरी गैर-जरूरी चीजों से दूरी बना ली। अपना पूरा समय पढ़ाई, नोट्स बनाने और नियमित अभ्यास में लगाया। लगातार मेहनत और मजबूत इरादे का परिणाम यह रहा कि दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा शानदार तरीके से पास की और ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) के वर्ष 2022 बैच में हुआ।

असफलता कभी भी मंजिल का अंत नहीं 

मृदुपाणि नंबी की सफलता यह साबित करती है कि एक असफलता कभी भी मंजिल का अंत नहीं होती। अगर व्यक्ति अपनी गलतियों से सीख लेकर दोबारा पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़े, तो सफलता जरूर मिलती है। उनकी कहानी आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि लक्ष्य पर पूरा ध्यान, अनुशासन और लगातार मेहनत ही किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता दिला सकती है। 

Also read: उत्तर भारत में मानसून ने दी दस्तक फिर बारिश कहां हुई गायब? क्या अल नीनो लाएगा सूखा

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

DU में शुरू हुई एडमिशन प्रक्रिया, जानें पहले और दूसरे चरण में क्या करना होगा?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए छात्रों को सबसे पहले CSAS पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। पहले चरण में उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और जरूरी दस्तावेज भरने होंगे।

अरुणाचल में आई अचानक बाढ़ ने उजाड़ दिए घर, परिवारों ने साझा किया भयानक अनुभव; बोले - बस अपनी जान बच पाई

Arunachal Pradesh Floods: 24 जून को अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर ज़िले में आई अचानक बाढ़ से बेघर हुए परिवार उन डरावने पलों को याद कर रहे हैं जब पानी के तेज़ बहाव में उनके घर और सामान बह गए और उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी।

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को किया संबोधित, बोले- खुशी है कि देशवासियों ने मेरी अपील को सुना

PM Modi Man Ki Bat:पीएम मोदी ने 135 बार मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान कई मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। साथ ही पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति का जिक्र करते हुए नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast