Monsoon Rains:देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है लेकिन, बारिश ना के बराबर हो रही है। दक्षिण से लेकर उत्तर तक और पूर्व से लेकर पश्चिम तक मानसून ने अपना जाल बिछा दिया है लेकिन, बारिश होती नहीं दिख रही है। मौसम विभान का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून की दस्तक अब महसूस होने लगी है। आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही और सूरज की लुकाछिपी का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में एनसीआर के लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का क्या है कहना
मौमस विशेषज्ञों का कहना है कि इस सुस्ती की वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति का बनना, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन की कमजोर गतिविधि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में पश्चिम हवाओं का सूखापन, कमजोर सोमाली जेट, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाले सिस्टम का न होना और न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल की स्थिति है। आईएमडी के अनुसार, मॉनसून के आने के आधार पर तय होती, न कि इस आधार पर कि हर जिले में एक साथ बारिश हो रही हो। नतीजतन मॉनसून आधिकारिक तौर पर किसी राज्य में आगे बढ़ सकता है। भले ही कई शहरों में कई दिनों तक गर्मी और सूखा मौसम बना रहे।
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छिटपुट बारिश की आशंका
मौसम विज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा सुस्ती रूप से बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव वाले सिस्टम के न होने की वजह से है। ये सिस्टम भारतीय मॉनसून के इंजन की तरह काम करते हैं, जो भारी मात्रा में नमी को जमीन की ओर खींचते हैं और मध्य उत्तरी भारत में बारिश फैलते है। इनके बिना, नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर रहती है। हालांकि, बारिश छिटपुट होती है लेकिन, ऐसे संकेत हैं कि स्थिति जल्द बदल सकती है।