Emotional Video Emerges From China:मदर्स डे पर चीन ने गलवान संघर्ष की याद ताजा कर दी। इस मौके पर चीन ने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें आधा सच और आधा झूठ है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की ओर से जारी किए गए वीडियो में गलवान में मारे गए चीनी सैनिकों का माताएं बीजिंग के आर्मी म्यूजियम में अपने बेटों को श्रद्धांजलि देने पहुंची।
ग्लोबल टाइमस ने लिखा कि मदर्स डे से एक दिन पहले जून 2020 में गलवान घाटी में हुई बॉर्डर झड़प में शहीद हुए चेन जियांगरोंग शियाओ सियुआन और वांन झूओरान की मांओ ने चीनी पीपुल्स रेवोल्यूशन के मिलिट्री म्यूजियम का दौरा किया। जहां उन्होंने अपने बेटों की मूर्तियों से लिपटकर रोई।
क्या है गलवान की घटना
15 जून 2020 की रात लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। यह टकराव वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने के बाद हुआ था। दोनों देशों के बीच पहले सहमति बन गई थी कि कुछ इलाकों से सैनिक पीछे हटेंगे लेकिन, भारतीय सेना को चीनी पक्ष द्वारा एलएसी पर कुछ निर्माण और चीनी सैनिकों की तैनाती में हलचल देखी गई। इसके बाद भारत की तरफ से कर्नल बी संतोष बाबू की अगुवाई में भारतीय सेना बातचीत के लिए चीनी चौकी के पास पहुंची। तभी दोनों तरफ से तनाव बढ़ गया। भारत ने भी चीन की ओर से अचानक हुए हमले पर पलटवार किया था। इस झड़प में भारत के 20, वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे।
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5 साल बाद चीन की नई चाल
अब गलवान संघर्ष के 5 साल बीत जाने के बाद चीन ने इस मुद्दे को फिर से हवा दे दी है। ग्लोबल टाइम्स के एक्स अकाउंट पर अंग्रेजी में पोस्ट किया है। इस वीडियो में चीन गलवान संघर्ष में मरने वाले सैनिकों की संख्या 3 बता रहा है। तीन महिलाएं मदर्स डे के दिन बीजिंग स्थित सैन्य संग्रहालय पहुंची और तीन सैनिकों की मूर्तियों से लिपटकर रोई। चीनी सैनिक शियाओ सियुआन की मां लिक्सिया ने संदेश में लिखा कि सियुआन मैं तुम्हें बहुत याद करती हूं, मेरे प्यारे बच्चे तुम बहुत याद आते हो, हमारे बारे में चिंता मत करना।