E20 Petrol Controversy: E20 पेट्रोल नीति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र सरकार के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करने का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही पुलिस ने इसकी इजाजत दी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, राजधानी में फिलहाल BNSS की धारा 163 लागू है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी तरह के मार्च या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने कहा है कि नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि वह E20 पेट्रोल नीति के विरोध में लोगों द्वारा हस्ताक्षर की गई याचिका प्रधानमंत्री मोदी को सौंपने जाएंगे। उन्होंने कहा था कि इस याचिका पर दो लाख से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर हैं।
केजरीवाल का आरोप
केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार E20 पेट्रोल नीति को लोगों पर जबरदस्ती लागू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के दबाव में भारत में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि अमेरिका से इथेनॉल खरीदा जा सके। उन्होंने कहा कि कई वाहन मालिक माइलेज कम होने और गाड़ियों में समस्या आने की शिकायत कर रहे हैं, फिर भी सरकार इस नीति को जारी रखे हुए है।
केजरीवाल ने की थी मांग
केजरीवाल ने पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। उन्होंने मांग की थी कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से चुनाव का विकल्प दिया जाए। साथ ही उन्होंने पेट्रोल की कीमत कम करने की भी मांग उठाई थी। वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल के मार्च के ऐलान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच खुद को बड़ा आंदोलनकारी दिखाने की प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल पहले बिना अनुमति प्रदर्शन का ऐलान करते हैं और बाद में पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाते हैं।
E20 पेट्रोल नीति को लेकर राजनीतिक टकराव तेज
मल्होत्रा ने कहा कि पहले माहौल बनाया जाता है और फिर खुद को पीड़ित बताया जाता है। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को भी पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल इसी मुद्दे को उठाएंगे। फिलहाल E20 पेट्रोल नीति को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। एक ओर केजरीवाल सरकार से नीति वापस लेने और विकल्प देने की मांग कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार पहले ही E20 पेट्रोल को सुरक्षित बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर चुकी है।
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