Delhi News: राजधानी दिल्ली में हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर सरकारी तैयारियों की पोल खोल दी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नन्द नगरी थाना क्षेत्र के सुंदर नगरी F-1 ब्लॉक में घर के अंदर भरे बारिश के पानी को बाहर निकालने में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान धीरज 47 वर्ष के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि वह अपने घर में भरे पानी को निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर फिसला और वह पानी में गिर गया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने दिल्ली जल बोर्ड, MCD और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अगर जल निकासी की व्यवस्था समय पर होती, तो क्या धीरज की जान बच सकती थी? स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे इस मौत के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। देखि मुहम्मद गुलफाम की ये खास रिपोर्ट
बारिश ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी F-1 ब्लॉक को जलमग्न कर दिया। गली नंबर-7 स्थित मकान नंबर-118 में रहने वाले धीरज अपने घर में भरे बारिश के पानी को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह कमरे में भरे पानी में गिर पड़े। बताया जा रहा है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके कारण वह बाहर नहीं निकल सके और पानी में डूबने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
कुछ देर बाद जब उनका ममेरा भाई वहां पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। जाली से देखने पर पानी में धीरज का शव तैरता दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही नन्द नगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।