Delhi Pollution 2026: दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार सुबह राजधानी की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 364 रहा। इस स्तर के साथ दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया, जहां हवा 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई।
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह IIT दिल्ली में AQI 443, पंजाबी बाग में 433 और नरेला में 409 दर्ज किया गया। इन तीनों इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। दूसरी ओर, कैंटोनमेंट एरिया में AQI 315 और धौला कुआं में 318 रिकॉर्ड किया गया। आनंद विहार में यह आंकड़ा 272 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 389 दर्ज किया गया था। यानी शनिवार सुबह के आंकड़ों में कुछ सुधार जरूर दिखा, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी चिंताजनक बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, नई दिल्ली के सफदरजंग इलाके में सुबह धुंध छाई रही और सुबह 5:30 बजे तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
GRAP-3 लागू, प्रदूषण रोकने के लिए बढ़ीं पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने दिवाली से दो दिन पहले GRAP के तीसरे चरण यानी स्टेज-3 को लागू कर दिया था। यह फैसला मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमानों के आधार पर एहतियात के तौर पर लिया गया, ताकि हवा की गुणवत्ता और बिगड़ने से रोकी जा सके। GRAP के तहत प्रदूषण बढ़ने के साथ पाबंदियां सख्त की जाती हैं। स्टेज-3 लागू होने के बाद पहले से जारी स्टेज-1 और स्टेज-2 के उपायों के साथ अतिरिक्त प्रतिबंध भी प्रभावी हो जाते हैं।
किन वाहनों पर लगी पाबंदी?
स्टेज-3 के तहत दिल्ली और निर्धारित NCR जिलों में BS-III या उससे पुराने मानक वाले पेट्रोल चार पहिया वाहनों और BS-IV या उससे पुराने मानक वाले डीजल चार पहिया वाहनों पर सख्त पाबंदियां लागू हैं। इसके अलावा पुराने हल्के और मध्यम मालवाहक वाहनों तथा कुछ डीजल कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों के लिए हाइब्रिड विकल्प
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए धूल पैदा करने वाले गैर-जरूरी निर्माण कार्यों, खुदाई, तोड़फोड़ और सड़क निर्माण जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। पत्थर तोड़ने वाली मशीनों और खनन गतिविधियों पर भी पाबंदियां लागू हैं। जरूरी परियोजनाओं को धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करना होगा।
स्कूलों के मामले में शिक्षा अधिकारियों को प्राथमिक कक्षाओं के लिए हाइब्रिड पढ़ाई का विकल्प लागू करने की अनुमति दी गई है। इसके तहत बच्चे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकते हैं। वहीं, निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत मेट्रो की अतिरिक्त यात्राएं और बसों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।