Chardham Yatra 2026: अकसर लोग समय की कमी होने के कारण चारधाम की यात्रा नहीं कर पाते थे, लेकिन अब उन सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी समाने आई है। अब दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वालों वर्षों में मेरठ-ऋषिकेश रैपिड रेल कॉरिडोर और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की शुरूआत होने के बाद दिल्ली से चारधाम की यात्रा में पहले से कम समय लगेगा। बताया जा रहा है लोगों अब करीब 7 घंटे की बचत कर पाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-मेरठ नमों भारत ट्रेन को हरिद्वार और ऋषिकेश तक जोड़ने की योजना बनाई है। इसके साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना कार्य भी काफी तेजी चल रहा है। इन सभी योजना के चालू होने से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिलेगा। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। अभी के समय में दिल्ली से कर्णप्रयाग पहुंचने में 11 से 13 घंटे का समय लगता है, इस योजना के चालू हो जाने से यह महज 5 से 6 घंटे में पूरा कर लिया जाएंगा। परियोजना चालू होने के बाद चारधाम यात्रा न केवल तेज और सुविधाजनक होगी, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़वा
मेरठ-ऋषिकेश रैपिड रेल परियोजना शुरू होने के बाद दिल्ली से उत्तराखंड के बीच का सफर बेहतर और सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को काफी ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। वहीं विकास कार्यों जल्दी से पूरे हो सकेंगे।
Also read: Weather Update: उत्तर भारत में जल्द हगी मानसून की एंट्री, पंजाब–हरियाणा–यूपी–उत्तराखंड में कल से भारी बारिश का अलर्ट
कर्णप्रयाग रेल लाइन से चारधाम यात्रा को मिलेगा नया आयाम
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने पर गढ़वाल क्षेत्र तक रेल संपर्क मजबूत होगा और बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी राहत मिलेगी।
कैसा होगा रेल नेटवर्क
इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच रेल कनेक्टविटी काफी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। यह यह कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला तक विकसित किया जाएगा, जो पहले से ही दिल्ली-एनसीआर नेटवर्क से जुड़ा होगा। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस रूट पर नमो भारत ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और वे कम समय में सीधे ऋषिकेश पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही इस परियोजना के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन भी चारधाम यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।