Haryana News: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मेट्रो और नमो भारत रेल नेटवर्क ने सफर को आसान बना दिया है। लेकिन अब बहुत-ही जल्द से नेटवर्क दिल्ली-NCR की तस्वीर बदलने वाला है। आने वाले कुछ सालों में सोनीपत-पानीपत और गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी कॉरिडोर विकसित होंगे, जिसका सीधा असर मिडिल क्लास पर पड़ेगा। उन्हें इस रेल नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी तो मिलेगी ही, लेकिन साथ ही उनके लिए किफायती आवास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर से फायदा
आने वाले समय में सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर के तहत दिल्ली, सोनीपत और पानीपत के बीच यात्रा करना और आसान हो जाएगा और समय की बचत भी होगी। दिल्ली-NCR रीजनल प्लान 2041 का मकसद दिल्ली से भीड़भाड़ को कम करना है। साथ ही, बाहरी इलाकों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। हालांकि, इन इलाकों में पहले से औद्योगिक इकाई और शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं। जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को कई बड़े फायदा मिला।
Also read: Haryana News: हरियाणवी ताई ने कर दिखाया कमाल, 63 साल की उम्र में दसवीं कक्षा की पास
गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी का मेट्रो विस्तार
मालूम हो कि गुरुग्राम पहले से ही देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट और आईटी हब में शुमार हैं। ऐसे में गुरुग्राम में नए मेट्रो नेटवर्क और मानेसर-रेवाड़ी तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली ड्राफ्ट रीजनल प्लान 2041 में प्रस्ताव दिया गया है कि साल 2030 तक मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सोनीपत-पानीपत, गुरुग्राम-मानेसर और रेवाड़ी जैसे मेट्रो कॉरिडोर्स के विकास को आगे बढ़ाना होगा।
मिडिल क्लास को कैसे मिलेगा फायदा?
लेकिन अब सवाल यह है कि इस परियोजना से मिडिल क्लास को कैसे राहत मिलेगी? तो बताते चलें कि कई लोग ऐसे है, जो दिल्ली में रहते हैं, लेकिन नौकरी गुरुग्राम में करते हैं। जिस वजह से उन्हें महंगे घर खरीदने पड़ते हैं या किराए पर रहना पड़ता है। इसके अलावा आने-जाने में जो समय लगता है, वो अलग। पर सोनीपत-पानीपत, गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी कॉरिडोर इन लोगों की परेशानी कम कर सकता है। इन कॉरिडोर के आसपास किफायती आवास के विकल्प मिल सकते हैं। साथ ही, नए रोजगार भी मिल सकते हैं।