
Delhi Pollution:दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखी गई है और यह 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। इस स्थिति को प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण प्रभावित किया जा रहा है, जिसमें पराली जलाने, वाहनों के उत्सर्जन, और अन्य प्रदूषण कारक शामिल हैं। इससे निपटने के लिए दिल्ली में विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं जैसे कि ड्रोन से पानी का छिड़काव और सार्वजनिक क्षेत्रों में प्रदूषण मापने के लिए सेंसर का उपयोग।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में सबसे कम एक्यूआई लोधी रोड का रहा जो 260 था। सुबह के 6 बजे तक आनंद विहार (408), बवाना (409), जहांगीरपुरी (424), मुंडका (401), नेहरू नगर (408), शादीपुर (401) और वजीरपुर (412) शामिल हैं। इसके अलावा अधिकांश इलाकों में एक्यूआई 340 और 400 के बीच दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि इस हफ्ते के अंत हवा में कुछ सुधार की उम्मीद जताई गई है। सरकार लगातार प्रदूषण को लेकर कई कदम उठा रही है और ग्रैप का चौथा चरण भी लागू कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 लागू
दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 को लागू कर दिया गया है। इसके के तहत अभी तक छठवीं से नौंवी और ग्यारहवीं तक के स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर चलाने का फैसला संबंधित राज्य सरकारों पर छोड़ा गया था। अब इसे दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद और गुरुग्राम में जरुरी कर दिया गया है। एनसीआर के बाकी शहरों के बारे में सरकारें फैसला ले सकती हैं।
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