Cricket Bowling Rules: विश्व भर क्रिकेट की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बल्लेबाज की बल्लेबाजी और गेंदबाजों की गेंद का रफ्तार देखने के लिए दर्शक बेताब रहते हैं। गेंदबाजी की स्विंग होती गेंद बल्लेबाजों को चारों खाने चीत कर देता है। वहीं, दूसरी तरफ स्पिन गेंदबाज भी बल्लेबाज के पसीने छूड़ा देते हैं।
आपको जानकर आशचर्य होगा कि शुरुआत में गेंदबाज हाथ घुमाकर नहीं बल्कि अंडर आर्म फेंकते थे। हालांकि, काफी विवाद होने के बाद गेंदबाजी के नियम में बदलाव किए गए। जिसने क्रिकेट को नई दिशा दे दी। चलिए जानते हैं कैसे हाथ घुमाकर गेंद फेंकने की शुरुआत हुई
कैसे हुई ओवरआर्म गेंदबाजी की शुरुआत
दरअसल, जब बल्लेबाज को आउट करना मुश्किल हो गया, तब गेंदबाजों ने नए रास्ते तलाशने शुरू किए। इसी कोशिश में 1800 के दशक में राउंडआर्म गेंदबाजी का चलन शुरू हुआ। इस तकनीक में गेदबाज अपने हाथ को कंधे के बिल्कुल समानांतर यानी सीधा रखकर गेंदबाजी करते हैं। इतिहास बताता है कि इस अनोखी शैली की शुरुआत केंट के रहने वाले जॉन विल्स और उनकी बहन क्रिस्टीना विल्स ने की थी। बताया जाता है कि क्रिस्टीना को अपने घेरादार कपड़ो की वजह से अंडर आर्म गेंदबाजी करने में दिक्कत होती थी। इसलिए उन्होंने हाथ को थोड़ा ऊपर करके गेंदबाजी शुरू की।
Also read: IPL 2026: हार्दिक पांड्या और मुंबई इंडियंस में अनबन! रोहित और सूर्यकुमार को भी किया अनफॉलो?
नियम बदलने को लेकर हुआ विवाद
हालांकि, काफी विवाद और चर्चा होने के बाद आखिरकार मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब को पीछे हटना पड़ा। साल 1864 में एमसीसी ने आधिकारिक तौर पर नियमों में बदलाव करते हुए ओवरआर्म यानी हाथ को कंधे से ऊपर ले जाकर गेंदबाजी करने को हरी झंडी दे दी। क्रिकेट के इतिहास में इसी साल को असल मायनों में आधुनिक क्रिकेट का जनक कहा जाता है। इस फैसले ने गेंदबाजों को ऊर्जा दी और फिर क्रिकेट पूरी तरह बदल गया। ओवरआर्म गेंदबाजी का खौफ 20वीं सदी में देखने को मिला जब डेनिस लीली,जेफ, थॉम्पसन जैसे गेंदबाजों ने कहर बरपाया।