LPG की कालाबाजारी पर सख्ती, देशभर में 68 हजार से ज्यादा छापे

LPG की कालाबाजारी पर सख्ती, देशभर में 68 हजार से ज्यादा छापे

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के असर से एलपीजी सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने देशभर में एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। Indian Oil Corporation ने बताया कि वह दूसरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर राज्य सरकारों के सहयोग से यह कार्रवाई कर रही है।

68,000 पड़े छापे

इंडियन ऑयल के अनुसार, अब तक देशभर में करीब 68,000 छापे मारे जा चुके हैं। इस दौरान 855 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 48,000 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 7,500 से अधिक निरीक्षण किए गए हैं और 141 एलपीजी वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें 5 का लाइसेंस निलंबित भी किया गया है।

मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर

दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी विदेशों से मंगाता है और इसमें से 90 प्रतिशत सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते आती है। यह इलाका पिछले 35 दिनों से युद्ध प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध के कारण भारत के 18 कार्गो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में फंसे हुए हैं, जिनमें 6 बड़े एलपीजी टैंकर भी शामिल हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि इस स्थिति से एलपीजी आयात का करीब 60% हिस्सा प्रभावित हुआ है।

10 लोग हुए गिरफ्तार गिरफ्तार

हाल ही में हैदराबाद में एक छापेमारी के दौरान कब्रिस्तान इलाके से करीब 400 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर को निलंबित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार छापेमारी करें और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ईंधन सप्लाई की समीक्षा भी की है।

मंत्रालय ने कहा है कि जमाखोरी, गलत जानकारी और सप्लाई में गड़बड़ी पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि लोगों में घबराहट न फैले। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि देश में एलपीजी की डिलीवरी फिलहाल सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी सप्लाई पूरी तरह बंद होने की कोई खबर नहीं है।

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