Copper Price Increrase: मार्केट में जब भी धातुओं की बात होती है, तब सबसे पहले बात सोने-चांदी की होती है। बात ये होती की सोने-चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई या बढ़ोतरी लेकिन, फिलहाल मार्केट में कॉपर की कीमत में आग लगी गई है।
कॉपर की डिमांड बढ़ने के साथ कीमत ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। लंदन मेटल एक्सचेंज में तांबे की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। क्योंकि खदानों से आपूर्ति को लेकर चिंताओं और संभावित अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं ने खरीदारों को इस धातु के लिए होड़ मचाने पर मजबूर कर दिया है।
कॉपर की कीमतों में लगी आग
तीन महीने के बेंचमार्क कॉपर के भाव में 0.9 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह 14,510 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कारोबार कर रहा था। इससे पिछले कारोबारी दिन यानी 7 सितंबर की बात करें, तो कॉपर का भाव 14,533 डॉलर प्रति टन के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस साल अब तक कॉपर की कीमतों में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि Copper Price का नया हाई तमाम ब्रोकरेज के अनुमानों से बेहतर है। रिपोर्ट की मानें, तो गोल्डमैन सैश ने 2026 की चौथी तिमाही के लिए तांबे की कीमत 11,200 डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान जताया है।
कीमत बढ़ने की वजह क्या
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रिफाइंड कॉपर के आयात पर टैरिफ बढ़ाने की आशंकाओं ने व्यापारियों को बड़ी मात्रा में तांबे के आयात को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा तांबे बाजार को लंबे समय से सप्लाई-डिमांड असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी हो चुकी खदाने से बढ़ती खपत को पूरी करने में दिक्कत हो रही है। इसका बड़ा उदाहरण चिली है, जहां कीमतों में तेज वृद्धि के बाद भी तांबे का शिपमेंट निचले स्तर पर आ गया है। साथ ही एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से तांबे की एक्सट्रा डिमांड पैदा हो रही है। डेटा सेंटर इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम से लेकर नेटवर्क उपकरणों में कॉपर का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
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