CM Sukhu Health Camp: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में इस्तेमाल हो रहे जांच उपकरणों की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, हाल ही में शिमला के कृष्णा नगर में लगे एक स्वास्थ्य शिविर में सीएम सुक्खू ने खुद अपना ब्लड शुगर टेस्ट करवाया। जांच में उनका शुगर लेवल 177 आया, जिसके बाद उन्होंने उपकरणों की विश्वसनीयता पर चिंता जताई।
एक ही मशीन से कुछ लोगों की रिपोर्ट सही और कुछ की गलत कैसे?
बीते दिन सचिवालय में नवनियुक्त मेडिकल अधिकारियों से संवाद के दौरान सीएम ने इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने जानबूझकर अपना टेस्ट करवाया था ताकि पता चल सके कि शिविरों में लगे उपकरण कितने भरोसेमंद हैं। जब उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि क्या उपकरण को चेक किया गया है, तो जवाब मिला कि कुछ लोगों की रिपोर्ट तो सही आ रही है, लेकिन कई मामलों में गड़बड़ी भी मिल रही है।सीएम ने सवाल उठाया कि एक ही मशीन से कुछ लोगों की रिपोर्ट सही और कुछ की गलत कैसे आ सकती है? उन्होंने कहा कि अगर रिपोर्ट ही गलत आएगी तो डॉक्टर उसी के आधार पर दवा लिख देगा।
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आज के समय में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से तकनीक और मशीनों पर निर्भर -CM सुक्खू
ऐसे में खतरा है कि स्वस्थ व्यक्ति को भी गलत रिपोर्ट के कारण शुगर की दवा दे दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से तकनीक और मशीनों पर निर्भर हो गई हैं, ऐसे में उनकी गुणवत्ता और समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है। अगर उपकरणों की विश्वसनीयता पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ेगा।उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या सिर्फ बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं है। अगर PHC और CHC जैसे छोटे स्वास्थ्य केंद्रों में भी खराब उपकरणों से जांच हो रही है, तो यह पूरे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल है और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।