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Himachal News: 2032 तक आत्मनिर्भर बनेगा हिमाचल, 2030 तक हेल्थकेयर में नंबर-1 बनाने का CM सुक्खू का लक्ष्य

Himachal News: 2032 तक आत्मनिर्भर बनेगा हिमाचल, 2030 तक हेल्थकेयर में नंबर-1 बनाने का CM सुक्खू का लक्ष्य

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य को लेकर सरकार का विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2032 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और देश के सबसे मजबूत व समृद्ध राज्यों में शामिल करना है। इसके साथ ही सरकार 2030 तक हिमाचल को हेल्थकेयर के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।

शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल राजनीतिक सत्ता हासिल करने के बजाय स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने इसे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यवस्था में बदलाव लाकर लोगों को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।

76,633 करोड़ रुपये का कर्ज मिलने का दावा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मार्च 2023 तक राज्य पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी लंबित देनदारियों सहित करीब 10,000 करोड़ रुपये की अन्य देनदारियां भी थीं। उन्होंने कहा कि GST कंपनसेशन बंद होने और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) वापस लिए जाने के बाद राज्य को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सरकार ने वित्तीय अनुशासन सुधारने, राजस्व बढ़ाने और आर्थिक सुधारों के लिए कठिन फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश जारी रखे हुए है।

मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी दूर करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के समय राज्य के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी थी। उन्होंने शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन सुविधाओं के संचालन के लिए 100 कर्मचारियों की जरूरत थी, वहां लगभग 35 प्रतिशत आवश्यक स्टाफ ही उपलब्ध था।

सुक्खू के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में स्टाफिंग का स्तर अब लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 2027 तक 70 प्रतिशत तक ले जाने और 31 मार्च 2027 तक कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में करीब 1,000 स्टाफ नर्सों की भर्ती की गई है। इसके अलावा रेडियोग्राफर सहित तकनीकी और पैरामेडिकल पदों को भरने पर भी काम किया गया है।

IGMC समेत बड़े अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने IGMC शिमला, चमियाना, चंबा, नाहन और हमीरपुर जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक जांच सुविधाओं को मजबूत किया है। इन संस्थानों में एडवांस्ड एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन और MRI उपकरण लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाओं से बीमारियों का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे मरीजों को जांच और इलाज के लिए चंडीगढ़, PGI या दूसरे राज्यों के अस्पतालों में जाने की जरूरत भी कम होगी।

सुक्खू ने बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी भी शुरू की गई है। उनके मुताबिक, अब तक लगभग 600 से 700 रोबोटिक प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं, जिनमें चमियाना में करीब 314 प्रक्रियाएं शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रक्रियाओं की लागत दूसरे स्थानों के निजी अस्पतालों में लगने वाले शुल्क से काफी कम है।

PG मेडिकल सीटें बढ़ीं, सीनियर रेजिडेंट्स का स्टाइपेंड दोगुना

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद राज्य में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या में 320 की बढ़ोतरी हुई है। इससे कुल सीटें लगभग 590 हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड 65,000 रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैबोरेटरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिस पर करीब 28 से 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार आदर्श स्वास्थ्य संस्थान पहल के तहत जिला और जोनल अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने तथा MRI सहित आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार करने पर भी काम कर रही है।

2030 तक हेल्थकेयर में नंबर-1 बनने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण इलाज और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और नई तकनीक का इस्तेमाल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कर्मचारियों की पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना (OPS) के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और कहा कि वित्तीय दबाव के बावजूद पेंशन से जुड़ी लंबित देनदारियों का भुगतान जारी है। सुक्खू ने कर्मचारियों के लिए हाल ही में घोषित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्त और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10,000 रुपये के अतिरिक्त भुगतान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने राज्य के स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास में अहम योगदान दिया है और उनके हितों की रक्षा जरूरी है।

राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से किए गए कुछ प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में 401 करोड़ रुपये की रिकवरी, शराब की दुकानों की नीलामी से अतिरिक्त राजस्व और रॉयल्टी से जुड़े एक मामले में 150 करोड़ रुपये की रिकवरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दोहराया कि राज्य सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य 2032 तक हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुधारों के जरिए राज्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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