Cancer Medicine Price Cut:कैंसर के मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 543 दवा ब्रांडों की कीमतों में संशोधन किया है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। इस फैसले का उद्देश्य दवाओं पर अत्यधिक ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करना और मरीजों पर इलाज के खर्च का बोझ कम करना है।
NPPA की संशोधित सूची में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से अधिक की कटौती की गई है। उदाहरण के तौर पर, पैल्बोसिक्लिब दवा के Palbopro ब्रांड की 125 मिलीग्राम की 21 कैप्सूल वाली स्ट्रिप की कीमत 40,421 रुपये से घटाकर 2,720 रुपये कर दी गई है। वहीं, Thiotepa दवा के Samtepa ब्रांड की एक शीशी की कीमत करीब 80,072 रुपये से घटकर 7,150 रुपये हो गई है।
ट्रेड मार्जिन पर नियंत्रण का फैसला
इससे पहले NPPA ने 17 अक्टूबर 2026 को गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के 30 प्रतिशत तक सीमित करने का फैसला लिया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को 543 ब्रांडों की संशोधित कीमतों की सूची जारी की गई। इस कदम से दवाओं की बिक्री में होने वाले अतिरिक्त मार्जिन पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें
निर्धारित तारीख से दवा कंपनियों, अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों को संबंधित दवाएं संशोधित कीमतों पर बेचनी होंगी। कंपनियों को नई कीमतों की जानकारी वितरकों और विक्रेताओं तक पहुंचानी होगी। मरीज दवाओं की संशोधित कीमतों की जानकारी NPPA की वेबसाइट या Pharma Sahi Daam ऐप पर भी जांच सकते हैं।
हालांकि, कीमतों में बदलाव सभी कैंसर दवाओं पर समान रूप से लागू नहीं होगा। मरीजों को अपनी निर्धारित दवा की कीमत की पुष्टि करनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा में बदलाव नहीं करना चाहिए। इस फैसले से प्रभावित दवाओं का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को इलाज के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
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