Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब के लैंडफॉल के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के DIG (ऑपरेशंस) एसएस सूदन के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से पहले राज्य के निचले और तटीय इलाकों से 55,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने अब तक तीन लोगों की मौत की सूचना दी है।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए NDRF की कुल 39 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें मंगलवार को एयरलिफ्ट की गई चार टीमें भी शामिल हैं। राज्य सरकार और NDRF मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन कर रहे हैं। NDRF के DIG एसएस सूदन ने बताया कि चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में यनम के दक्षिण में लैंडफॉल किया। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह 8:30 बजे तक इसकी तीव्रता बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान से घटकर गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गई थी। सूदन के अनुसार, अगले छह घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद इसके गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान था।
135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही हवा की रफ्तार
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह करीब 2 बजे से 8 बजे के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यनम के तट को पार किया। सुबह 8 बजे तक इसका केंद्र पूरी तरह जमीन पर आ गया था। मौसम विभाग ने बताया कि लैंडफॉल के दौरान हवा की अधिकतम लगातार रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। बुधवार सुबह 8:30 बजे चक्रवाती सिस्टम तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद था। उस समय यह नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था।
काकीनाडा के पास तटीय सड़क को नुकसान
चक्रवात के कारण तेज समुद्री लहरों और तटीय कटाव से काकीनाडा के पास उप्पाडा तटीय सड़क को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्र में सड़क की मरम्मत, संपर्क बहाल करने और तट की सुरक्षा के लिए काम शुरू कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कहा कि चक्रवात को देखते हुए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है। प्रशासन जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव टीमें तैनात हैं। प्रशासन का ध्यान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को बहाल करने और चक्रवात के बाद की स्थिति से निपटने पर है।