Nirmala Sitharaman: GST से जुड़े कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्स नियमों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 08 अक्टूबर 2026 गुरुवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद कर दरों में बदलाव पर साल में केवल एक बार विचार करेगी और ये फैसला 01 अप्रैल से प्रभावी होंगे। बता दें. यह कदम व्यवसायों के लिए कर व्यवस्था में अधिक निश्चितता की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
सीतारमण ने स्पष्ट किया कि गुरुवार की बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, कर प्रक्रियाओं को आसान बनाना और विवादों को कम करना था। उन्होंने कहा 'जैसा कि मैंने आप सभी को पहले ही बताया है, यह बैठक प्रक्रिया सुधारों पर केंद्रित थी।' यह फैसला दो-दर GST संरचना की शुरुआत के एक साल बाद आया है, जिसमें परिषद अब आगे दर युक्तिकरण करने के बजाय कर प्रणाली के कामकाज में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
GST अधिकारियों से गिरफ्तारी शक्तियां छीनना
प्रमुख सुधारों में, परिषद ने GST अधिकारियों से गिरफ्तारी शक्तियां छीनने और आपराधिक अभियोजन के लिए सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। सीतारामन ने कहा 'परिषद ने जीएसटी के तहत गिरफ्तारी की शक्तियों को हटाने की सिफारिश की है।' उन्होंने कहा 'जब हम कहते हैं कि गिरफ्तारी को हटा दिया गया है, तो इसका मतलब कर अधिकारी के हाथों से यह शक्ति छीन ली गई है।'
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पेनल्टी में कटौती और करदाताओं को राहत
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी कानून के तहत आपराधिक अभियोजन जारी रहेगा। उन्होंने कहा 'कानून में अपराध होने पर लोगों पर मुकदमा चलाने का प्रावधान है।' परिषद ने सामान्य जुर्माने को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने और न्यूनतम सजा के प्रावधानों को हटाने की भी सिफारिश की, जिससे सजा का निर्णय न्यायिक विवेकाधिकार पर छोड़ दिया गया। करदाताओं को एक और राहत देते हुए, परिषद ने सिफारिश की कि 10,000 रुपये से कम राशि से संबंधित नोटिस जारी नहीं किए जाने चाहिए, जबकि इस सीमा से कम राशि के लंबित नोटिस भी वापस ले लिए जाएंगे। सीतारामन ने कहा 'इसी तरह, हम उक्त सीमा से कम राशि के लंबित नोटिस वापस ले लेंगे। यदि कोई नोटिस जारी किया गया है, तो उसे वापस ले लिया जाएगा।'
व्यावसायिक खर्चों के लिए क्या होगा नया नियम?
परिषद ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के लाभों को अतिरिक्त व्यावसायिक खर्चों तक विस्तारित करने की भी सिफारिश की, जिसमें कर्मचारी स्वास्थ्य और जीवन बीमा, दूरसंचार टावर और कारखानों के बाहर बिछाई गई पाइपलाइनें शामिल हैं। बैठक के नतीजों पर जारी आधिकारिक नोट के अनुसार, मुफ्त नमूनों और कानूनी रूप से नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर्ड स्टॉक पर भी ITC (सूचना, परिवहन, कर और भुगतान) उपलब्ध होगा, जिससे फार्मास्यूटिकल्स और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा। रिफंड के संबंध में, परिषद ने स्वीकृति अवधि को 15 दिनों से घटाकर 10 दिन करने और जोखिम मूल्यांकन के बाद पात्र दावों के 90 प्रतिशत के स्वचालित अनुमोदन का प्रावधान करने की सिफारिश की।सीतारामन ने कहा 'इससे व्यवसायों की कार्यशील पूंजी में वृद्धि होगी।'
क्रेडिट के लिए इनपुट सेवाएं
01 नवंबर, 2026 से लिए गए क्रेडिट के लिए इनपुट सेवाओं और 01 अप्रैल, 2027 से लिए गए पात्र क्रेडिट के लिए संयंत्र और मशीनरी पर रिफंड की पात्रता का विस्तार किया जाएगा। छोटे व्यवसायों के लिए, परिषद ने एक वैकल्पिक योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसके तहत 5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले और केवल उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने वाले करदाताओं को वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और त्रैमासिक आधार पर करों का भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला में अन्यत्र आपूर्तिकर्ताओं की चूक के कारण वास्तविक खरीदारों को आयकर कटौती (आईटीसी) के नुकसान से बचाने के प्रस्ताव को आगे की जांच के लिए एक अधिकारी समिति को भेजा गया है। सीतारमण ने कहा कि प्रक्रिया सुधारों को 01 अप्रैल, 2027 से लागू करने का लक्ष्य है और समितियों को भेजे गए मामलों को उससे पहले अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।