NEET Paper Leak: महाराष्ट्र के चर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन सप्ताह तक लगातार तलाश करने के बाद पुलिस ने इस पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ उसके सहयोगी इंद्रजीत सिंह को भी पकड़ा गया है। इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
विशेष टीम ने किया आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता देश के कई राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों में पहले भी शामिल रह चुका है। वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर फिर से टीईटी परीक्षा का पेपर लीक करने की साजिश रची। ठाणे पुलिस की एक विशेष टीम ने शनिवार सुबह बिहार में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को मुंबई लाया जा रहा है और उन्हें आज भिवंडी कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
पहले भी तीन लोग हो चुके गिरफ्तार
डीसीपी (जोन-2) पवन बंसोड ने बताया कि पुलिस पिछले तीन हफ्तों से लगातार बिजेंद्र गुप्ता की तलाश कर रही थी। आखिरकार शनिवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होंगे। यह मामला 28 जून को हुई टीईटी परीक्षा से एक दिन पहले सामने आया था। डीसीपी पवन बंसोड को सूचना मिली थी कि कुछ लोग भिवंडी में लीक हुआ प्रश्नपत्र बेचने आने वाले हैं। सूचना के आधार पर कोंगांव पुलिस ने जाल बिछाकर तीन लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो एक बड़े संगठित गिरोह का खुलासा हुआ, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का काम करता था।
गिरोह कई राज्यों में सक्रिय
जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस ने आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस के दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया, जहां से बिजेंद्र गुप्ता के प्रश्नपत्र हासिल करने का शक है। इस मामले में बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को भी बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि वह गिरोह के आर्थिक लेन-देन और अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं।
शिक्षक अभ्यर्थियों के संपर्क में था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बिजेंद्र गुप्ता ने गिरफ्तार आरोपी कपिल दहिया के जरिए पुणे के एक व्यक्ति से लीक प्रश्नपत्र बेचने का सौदा किया था। यह आरोपी अभी फरार है और मामले का इकलौता वांछित आरोपी माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 50 शिक्षक अभ्यर्थियों के संपर्क में था, जो परीक्षा से पहले लीक पेपर खरीदने को तैयार थे। अब पुलिस को उम्मीद है कि बिजेंद्र गुप्ता से पूछताछ के बाद पेपर लीक के असली स्रोत, पैसों के लेन-देन और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
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