Assam Floods: असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ASDMA की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में हुई 14 मौतों में से सात मौतें चराइदेव ज़िले में, छह शिवसागर में और एक जोरहाट में हुई हैं। मरने वालों में 11 पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, शिवसागर ज़िले में एक व्यक्ति लापता है। राज्य में हालात अभी भी खराब हैं और 12 ज़िलों में 7.05 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इन ज़िलों में गोलाघाट, चराइदेव, डिब्रूगढ़, होजई, नगांव, बिस्वनाथ, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, सोनितपुर, कामरूप (मेट्रो) और कार्बी आंगलोंग शामिल हैं।
असम का शिवसागर अभी सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला है, जहां 3,48,555 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव (1,88,404 लोग) और जोरहाट (1,26,793 लोग) का नंबर आता है। ASDMA की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बाढ़ से 856 गांव और 37 रेवेन्यू सर्कल प्रभावित हुए हैं। खेती-बाड़ी को भी भारी नुकसान पहुँचा है और 56,606.777 हेक्टेयर फसल वाला इलाका बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है।
पानी का स्तर कम न होने के कारण, 3.15 लाख से ज़्यादा लोगों ने बाढ़ प्रभावित ज़िलों में प्रशासन द्वारा बनाए गए 363 राहत कैंपों और वितरण केंद्रों में शरण ली है। इस बाढ़ से मवेशियों और पोल्ट्री को भी भारी नुकसान पहुँचा है। पिछले 24 घंटों में 17,107 जानवर और पोल्ट्री बह गए, जबकि कुल मिलाकर 3,34,020 जानवर और पोल्ट्री बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं।
बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। शुक्रवार को, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बाढ़ में फँसे अलग-अलग इलाकों से लगभग 1,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया।
सीएम ने राहत शिविर का किया दौरा
गुरुवार को बाढ़ की बिगड़ती स्थिति के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डेरगांव में एक राहत शिविर का दौरा किया और स्थिति को "गंभीर" बताते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री ने कई ज़िलों में आई बाढ़ के लिए पड़ोसी राज्य नागालैंड में बादल फटने की घटना को ज़िम्मेदार ठहराया। लगातार हो रही बारिश के कारण, राज्य भर में कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र और उसकी कई सहायक नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है।