8th pay commision: दिल्ली में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की 28, 29 और 30 अप्रैल को अहम बैठकें हुईं। इन बैठकों में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने वेतन, पेंशन, भत्ते, फिटमेंट फैक्टर और दूसरी सुविधाओं को लेकर अपनी मांगें आयोग के सामने रखीं। 30 अप्रैल को ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन यानी AINPSEF ने भी आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक, संगठन ने वेतन, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट से जुड़ी कई मांगों पर NC-JCM के सुझावों का समर्थन किया। इसके अलावा संगठन ने तीन प्रमुख मुद्दों पर खास जोर दिया। इनमें पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली, केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति व छुट्टियों से जुड़े नियम शामिल हैं।
OPS की बहाली की मांग
संगठन ने मांग की है कि साल 2003 के बाद सेवा में आए सभी NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही कर्मचारी अंशदान के लिए GPF जैसी सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी
NC-JCM ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इसके आधार पर 7वें वेतन आयोग में 18 हजार रुपये के न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर 69 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकतम वेतन को 2.15 लाख रुपये तक करने की मांग है। कर्मचारियों ने सालाना वेतन वृद्धि को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का भी सुझाव दिया है।
फैमिली यूनिट में माता-पिता को शामिल करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने फैमिली यूनिट की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग की है। इसमें माता-पिता को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। पुरुष और महिला कर्मचारियों की यूनिट वैल्यू को समान रखने की बात भी कही गई है।
पेंशनभोगियों के लिए भी कई प्रस्ताव
पेंशनर्स के लिए अंतिम वेतन का 67 प्रतिशत पेंशन के रूप में देने, फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत करने और हर 10 साल की जगह हर 5 साल में पेंशन रिवीजन करने की मांग रखी गई है। इसके अलावा HRA बढ़ाने, मृत्यु पर मुआवजा बढ़ाने और लीव एनकैशमेंट की सीमा हटाने जैसे सुझाव भी दिए गए हैं। इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार और 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर होगा। अगर इन मांगों को मंजूरी मिलती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय और सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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