Punjab News: पंजाब के कोटकपूरा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी से भरा टैंकर पकड़ा है। विभाग ने यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की। टैंकर ग्रेटर नोएडा से कोटकपूरा पहुंचा था और इसे फरीदकोट रोड स्थित एक देसी घी की फैक्ट्री में सप्लाई के लिए लाया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर को कब्जे में लेकर घी के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
इंटेलिजेंस विंग को मिली थी सूचना
जानकारी के मुताबिक, GST विभाग की इंटेलिजेंस विंग को सूचना मिली थी कि ग्रेटर नोएडा से एक टैंकर संदिग्ध देसी घी लेकर कोटकपूरा की ओर आ रहा है। GST विभाग ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद फूड कमिश्नर अमित जोशी के नेतृत्व में चंडीगढ़ से टीम गुरुवार रात कोटकपूरा पहुंची। चंडीगढ़ से पहुंची टीम ने फरीदकोट के फूड सेफ्टी ऑफिसर नवदीप सिंह चहल के नेतृत्व वाली स्थानीय टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की। जैसे ही टैंकर फरीदकोट रोड स्थित देसी घी की फैक्ट्री पहुंचा, टीम ने उसे रोककर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान टैंकर में करीब 22 हजार लीटर देसी घी पाया गया, जिसे विभाग ने संदिग्ध माना है।
कार्रवाई कर रहा विभाग
फूड सेफ्टी टीम ने टैंकर से घी के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। अब लैब की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि घी तय मानकों के मुताबिक है या नहीं। विभाग ने टैंकर को अपनी हिरासत में रखा है। फूड सेफ्टी ऑफिसर नवदीप सिंह चहल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि टैंकर में करीब 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी था। इसके सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है और रिपोर्ट के आधार पर नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सप्लाई को लेकर उठ रहे सवाल
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों की सप्लाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल विभाग की नजर लैब रिपोर्ट पर है। जांच रिपोर्ट में अगर घी मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अगर रिपोर्ट में घी सही पाया जाता है, तो विभाग उसी आधार पर आगे का फैसला लेगा।
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