Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti : देशभर में शनिवार, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम को संबोधित किया और देश के एकीकरण में पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने पटेल को एकजुट भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि आजादी के बाद देश के सामने कई चुनौतियां थीं। उस समय दुनिया के राजनीतिक विश्लेषकों को आशंका थी कि भारत लंबे समय तक एकजुट नहीं रह पाएगा, लेकिन सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति से इस सोच को गलत साबित कर दिया।
1,218 दिनों में सरदार पटेल ने किया असंभव काम
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद महज 1,218 दिनों के भीतर सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक काम किया। उन्होंने कहा कि जिस कार्य को दुनिया असंभव मान रही थी, उसे पटेल ने अपने प्रयासों से पूरा कर दिखाया। उनके मुताबिक, सरदार पटेल ने जिस एक भारत की कल्पना की थी, वह आज पूरी दुनिया के सामने मजबूती और गर्व के साथ खड़ा है।
अखंड भारत के निर्माण में अहम भूमिका
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल का योगदान केवल रियासतों के विलय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारत की भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत आधार दिया। कई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शाह ने उन्हें वर्तमान भारत के नक्शे का शिल्पकार भी बताया।
एकता और अखंडता का दिया संदेश
इस दौरान अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।