युवराज की मौत मामले में नया मोड़, मोबाइल नहीं इस चीज की थी लाइट; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

युवराज की मौत मामले में नया मोड़, मोबाइल नहीं इस चीज की थी लाइट; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

Noida Yuvraj Death Case: ग्रेटर नोएडा युवराज की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अजब दावे किए हैं। तीन सदस्यीय जांच टीम ने कहा कि वीडियो के अंत में दिख रही रोशनी मोबाइल टार्च की नहीं युवराज की कार की थी।

वहीं, कॉल डिटेल का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि युवराज को बचाने के लिए पौने दो घंटे नहीं बल्कि आधे घंटे से भी कम का समय था। बता दें कि युवराज के पिता और हादसे के चश्मदीदों ने बचाव के लिए पौन दो घंटे मोबाइल टार्च जलाकर मदद की बात कही थी।

एसआईटी जांच में क्या निकला

सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि रात 12:20 के बाद युवराज की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई थी। एसआईटी ने जांच मंगलवार यानी 27 जनवरी को पूरी कर ली है। बता दें कि 16 जनवरी को हादसा हुआ था और जांच 20 जनवरी से शुरू हुई थी। जांच के दौरान एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से भी सवाल किए। प्राधिकरण की तरफ से जवाब दिया गया कि मोड़ सड़क सुरक्षा समिति की तरफ से डार्क के रूप में नहीं चिन्हित किया गया था। ना ही इसकी सूचना दी गई थी।

सीएम ऑफिस भेजी जाएगी रिपोर्ट

हादसे की जांच पूरी होने के अब रिपोर्ट मुख्यमंत्री ऑफिस भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना को लेकर गंभीर है। सीएम योगी मेरठ दौरे के दौरान जांच अधिकारियों से मामले की जानकारी ली थी। अब बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ऑफिस में रिपोर्ट पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से संयुक्त तौर पर होगी या फिर अलग-अलग विभागों से शासन स्तर पर होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

Leave a comment