8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग को सुझाव और मेमोरेंडम सौंपने की अंतिम तारीख 15 जून को समाप्त हो चुकी है। इसके साथ ही प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अब सभी की नजर आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने, महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में शामिल करने और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग प्रमुख है। माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर में बदलाव होने पर कर्मचारियों की सैलरी में सबसे बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
69 लाख पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिसके आधार पर पुराने मूल वेतन को नए वेतन में बदला जाता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह 2.57 है। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग कर रहे हैं। यदि यह मांग मान ली जाती है, तो करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ मिल सकता है। वेतन आयोगों के इतिहास पर नजर डालें तो छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था। इसके बाद 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 किया गया। इसी बदलाव के कारण न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।
सरकार के पास है अन्य विकल्प
अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.83 तय किया जाता है, तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 68,940 रुपये हो सकती है। यानी कर्मचारियों को करीब 51,000 रुपये तक की बढ़ोतरी मिल सकती है। हालांकि सरकार के पास अन्य विकल्प भी हैं। यदि फिटमेंट फैक्टर 3.0 किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 54,000 रुपये होगा। वहीं 3.5 होने पर यह 63,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
पेंशनभोगी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार
इसी तरह यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान बेसिक वेतन 44,900 रुपये है, तो 3.0 फिटमेंट फैक्टर पर उसका नया वेतन 1,34,700 रुपये, 3.5 पर 1,57,150 रुपये और 3.83 पर 1,71,967 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि ये सभी आंकड़े केवल संभावित गणनाएं हैं। वास्तविक वेतन वृद्धि 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी। फिलहाल लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी आय और भविष्य की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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