
नई दिल्ली: आज दुनियाभर में टीवी दिवस मनाया जा रहा है। बता दें कि हर साल 21 नवंबर को विश्व में टीवी दिवस मनाया जाता है। इस दिन टेलीविजन के महत्व को उजागर किया जाता है। बता दें कि टेलीविजन एक ऐसा मास मीडियम (जन माध्यम) है जहां ऑडियो-विजुअल कॉम्युनिकेशन के जरिए आपको मनोरंजन, शिक्षा, समाचार, राजनीति, गपशप आदि की जानकारी एक जगह बैठे-बैठे मिलती है। अपने अविष्कार के बाद से यह शिक्षा और मनोरंजन के सबसे जरूरी माध्यम में से एक रहा है।
विश्व में टेलीविजन का इतिहास
दरअसल टीवी का आविष्कार साल 1924 में एक स्कॉटिश इंजीनियर, जॉन लोगी बेयर्ड नाम के शख्स ने किया था। इसके बाद साल 1927 में फिलो फार्न्सवर्थ नाम के शख्स ने दुनिया के पहले वर्किंग टेलीविजन का निर्माण किया था, जिसे 01 सितंबर 1928 को प्रेस के सामने पेश किया गया था। अगर कलर टेलीविजन के आविष्कार की बात करें तो जॉन लोगी बेयर्ड ने साल 1928 में इसका अविष्कार किया था वहीं पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग 1940 से शुरू हुई थी। इसके बाद नवंबर 1996 में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पहले वर्ल्ड टेलीविजन फोरम का आयोजन किया था। प्रमुख मीडिया हस्तियां फोरम का हिस्सा थीं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर टेलीविजन के बढ़ते महत्व पर चर्चा की। तभी महासभा ने हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।
भारत में टीवी का इतिहास
वहीं भारत में टीवी के इतिहास की बात करें तो 1924 में टीवी के आविष्कार के तीन दशकों के बाद ये भारत में आया था। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, यूनाइटेड नेशनंस एजुकेशनल, साइंटिफिक और कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (UNESCO) की सहायता से नई दिल्ली में 15 सितंबर, 1959 को भारत में टेलीविजन की शुरुआत हुई थी। 'ऑल इंडिया रेडियो' के अंतर्गत टीवी की शुरुआत हुई थी और आकाशवाणी भवन में टीवी का पहला ऑडिटोरियम बना, जो पाचंवी मंजिल पर था। इसका उद्घाटन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था।
हफ्ते में दो बार चलाए जाते थे प्रोग्राम
भारत में टीवी के शुरुआती दौर में सामुदायिक स्वास्थ्य, यातायात, सड़क नियम, नागरिकों के कर्तव्यों और अधिकारों जैसे विषयों पर सप्ताह में दो बार दिन में एक घंटे के लिए प्रोग्राम चलाए जाते थे। 1972 तक अमृतसर और मुंबई के लिए टेलीविजन की सेवाएं शुरू हुईं जबकि 1975 तक भारत के केवल सात शहरों में ही टेलीविजन की सेवा शुरू हुई थी। वहीं भारत में कलर टीवी और राष्ट्रीय प्रसारण शुरुआत साल 1982 में हुई थी।
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