होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत आ रहे दो एलपीजी जहाज, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुरक्षित

होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत आ रहे दो एलपीजी जहाज, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुरक्षित

Middle East Tensions: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से दो भारतीय जहाज पार हुए। इन जहाजों के नाम शिवालिक और नंदादेवी हैं। दोनों जहाजों में कुल 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज 16 और 17 मार्च तक भारत के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचेंगे। 

खाड़ी में अब 22 भारतीय झंडे

सिन्हा ने बताया कि होर्मुज पार करने के बाद फारस की खाड़ी में अब 22 भारतीय झंडे वाले जहाज बच गए हैं, जिनमें कुल 611 नाविक सवार हैं। इन जहाजों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीते 24 घंटे में 30 नाविकों को भारत लाया गया और अब तक कुल 253 नाविक सुरक्षित रूप से लौट चुके हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। LPG की आपूर्ति पर निगरानी बनी हुई है और सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसके साथ ही कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। 

46,000 मीट्रिक टन एलपीजी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने लगातार यह सुनिश्चित किया है कि माल और ऊर्जा का निर्बाध पारगमन हो। उन्होंने कहा कि होर्मुज पार करने वाले भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। प्रत्येक जहाज में लगभग 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी है।

सिन्हा ने यह भी बताया कि संघर्ष के कारण उड़ान प्रभावित होने के चलते कई ईरानी नागरिक भारत में फंस गए थे। उन्हें वापस लाने के लिए चार्टर्ड उड़ान की व्यवस्था की गई, जिसमें पर्यटक और राजनयिक दोनों शामिल थे।

नागरिकों की सुरक्षा का रखा जा रहा ध्यान

गल्फ मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि भारत के फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार अन्य देशों और भारतीय संगठनों के संपर्क में है। अब तक 1,72,000 भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। इस प्रकार, होर्मुज तनाव के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है और एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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