
LPG Crisis: भारत सरकार ने देश में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल को बढ़ा दिया है। इसका उद्देश्य हाल ही में मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध से जुड़ी संभावित गैस आपूर्ति संकट के बीच घरेलू मांग को नियंत्रित करना है। अब ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच अंतराल 25 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अंतराल पहले 21 दिन था, अब इसे 25 दिन कर दिया गया है।
क्यों उठाया गया ये कदम?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने यह जानकारी गुरुवार को लोकसभा में दी। उन्होंने कहा कि यह कदम मांग प्रबंधन के लिए उठाया गया है और इससे एलपीजी की काले बाज़ारी और होर्डिंग पर रोक लगेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का समय अभी भी वही है। बुकिंग से डिलीवरी का औसत समय 2.5 दिन ही बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को निर्बाध प्राथमिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पिछले कुछ दिनों में कुछ क्षेत्रों में लोगों द्वारा पैनिक बुकिंग और होर्डिंग की रिपोर्टें आई हैं। मंत्री ने बताया कि यह स्थिति वास्तविक एलपीजी की कमी के कारण नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के डर के कारण है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में बुकिंग की भीड़ मांग में विकृति को दर्शाती है, उत्पादन या आपूर्ति की विफलता को नहीं।
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली
सरकार ने डिलीवरी निगरानी सुधारने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर लागू कर दिया है। इसके तहत सिलेंडर तभी लॉग होगा जब उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक-बार का कोड दर्ज कर डिलीवरी की पुष्टि करेगा। मंत्री ने बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी गुरुवार से फिर से शुरू की जाएगी। इसके तहत मासिक औसत वाणिज्यिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत एलपीजी राज्य सरकारों के सहयोग से वितरित किया जाएगा।
ईंधन विकल्प किए गए एक्टिव
इसके अलावा, सरकार ने वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी सक्रिय किए हैं। रिटेल आउटलेट और पीडीएस के माध्यम से केरोसिन और औद्योगिक उपयोग के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है और उत्पादन पिछले पांच दिनों में 28 प्रतिशत से बढ़ा दिया गया है ताकि संकट के दौरान पर्याप्त गैस उपलब्ध रहे।
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