
Middle East War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी की आशंका के कारण लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। सिद्धार्थनगर में लोग पूरी रात गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने के लिए इंतजार करते रहे। वहीं बिहार और माध्य प्रदेश के कई शहरों में लोग सुबह 4 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में लगने लगे हैं।
सरकार ने की सख्ती
इसी बीच कई जगह गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब 2000 रुपये का कमर्शियल सिलेंडर कुछ जगहों पर 4000 रुपये तक बेचा जा रहा है। हालांकि प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और कई जगह छापेमारी भी की गई है। सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में कहा कि देश में गैस की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है।
रिफाइनरियों और एलपीजी का स्टॉक है पर्याप्त- संयुक्त सचिव
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भी बताया कि देश की रिफाइनरियों और एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन घरों के पास पाइप्ड गैस की सुविधा है, वे PNG कनेक्शन ले लें। सरकार के अनुसार देश में करीब 60 लाख परिवारों के पास घर के पास पाइप्ड गैस की सुविधा मौजूद है।
OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य
कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों में कार्रवाई की गई है। मदुरै में पुलिस ने दो जगह छापेमारी कर 398 सिलेंडर जब्त किए और दो लोगों को गिरफ्तार किया। छतरपुर में दो दिनों में 38 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए। वहीं Hapur में एक घर से 32 गैस सिलेंडर मिले, जिनमें 18 भरे हुए थे। सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा। इसके अलावा जमाखोरी रोकने के लिए गैस डिलीवरी के समय OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया गया है।
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