
India statement on Venezuela: वेनेजुएला में हाल की राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा की है। 03जनवरी को अमेरिकी सेनाओं ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई स्थानों पर हवाई हमले किए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच, भारत सरकार ने 04जनवरी को अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं और भारत स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। भारत ने वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा का समर्थन दोहराया तथा सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे मुद्दों को शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
बता दें, इस ऑपरेशन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया, जिसका उद्देश्य नार्को-टेररिज्म, ड्रग्स तस्करी और प्रवासन जैसी समस्याओं से निपटना बताया गया। इस घटना के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला पर हवाई प्रतिबंध हटा लिए और वहां की तेल संपदा में अमेरिकी कंपनियों के निवेश की योजना जताई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि काराकास में स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। इसके अलावा, भारत ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और यदि यात्रा कर रहे हैं तो अत्यधिक सतर्कता बरतें। यह ट्रैवल एडवाइजरी राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए जारी की गई है।
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