
Iran Presidential Election: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत के बाद अब ईरान ने 28जून को राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने के लिए कई उम्मीदवारों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। लेकिन यहां महिलाओं को राष्ट्रपति बनने पर रोक लगाई गई है। इस देश में कोई भी महिला कॉल राष्ट्रपति बनने का अधिकार नहीं दिया गया है।
राष्ट्रपति पद के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू
ईरान में 28जून को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। कई उम्मीदवारों के बीच राष्ट्रपति बनने की रेस में एक पूर्व महिला विधायक जोहरे इलाही भी है। लेकिन राष्ट्रपति बनने से पहले ही उनके लिए इस पद के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। अब सवाल ये है कि आखिरकार चुनाव लड़ने से पहले ही इनकी हार क्यों मानी जा रही है।
इन के द्वारा उम्मीदवारों को दी जाती है मंजूरी
वहीं अब सवाल ये है कि ईरान में राष्ट्रपित चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों की मंजूरी कौन देता है? दरअसल ईरान में चुनाव और कानून की देखरेख गार्जियन काउंसिल करती है। बता दें कि यह 12 सदस्यों वाली ज्यूरिस्ट की एक काउंसिल है, जिसके सदस्य या तो सर्वोच्च नेता द्वारा नियुक्त होते हैं या अप्रूव होते है।
ईरान में महिलाओं को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर रोक क्यों
गौरतलब है कि ईरान के चुनावी कानून मैं ऐसा लिखा गया है कि राष्ट्रपति के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की उम्र 40 से 57 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं उनके पास कम से कम मास्टर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा ईरान के संविधान के अनुच्छेद 115 की वजह से महिला उम्मीदवारों की दावेदारी मुश्किल मानी जा रही है। इस अनुच्छेद के मुताबिक उम्मीदवार प्रसिद्ध धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों में से कोई रेजल होना चाहिए। रेंजर्स शब्द एक अरबी शब्द है जिसका मतलब पुरुष होता है। हालांकि अभी इस बात को साफ नहीं किया गया है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार केवल पुरुष हो सकते हैं। गार्जियन काउंसिल के द्वारा गीता कई उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है जिनमें इलाहियन भी शामिल है।
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