
Chandigarh Mayor Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले चंडिगढ में मेयर चुनाव होना है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली बार हुई गड़बड़ियों को देखते हुए दोनों पक्षों की सहमति से चंडीगढ मेयर चुनाव के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति की है। चुनाव के लिए हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जयश्री ठाकुर को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
इस चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर नजरें टिकी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि, ये देखने वाली बात होगी कि क्या कांग्रेस-AAP चंडीगढ मेयर चुनाव में एक साथ आएगी। हालांकि, दिल्ली और पंजाब में दोनों पार्टियों के बीच तल्ख तेवर हैं। दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं , तो राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों ले रहे हैं।
चंडीगढ़ चुनाव में गठबंधन क्यों जरूरी?
आपको बता दें कि चंडीगढ़ निगम सदन में कुल 35 सदस्य हैं। जिसमें वर्तमान में भाजपा के पास 16 , आम आदमी पार्टी के पास 13 और कांग्रेस के पास 7 सदस्य हैं। ऐसे में मेयर के लिए बनने के लिए 19 वोटों की जरूरत होती है लेकिन, वर्तमान में किसी भी पार्टी के पास बहुमत नहीं है। अब देखना होगा कि क्या चंडीगढ मेयर चुनाव में कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन होता है या नही। हालांकि, चंडीगढ़ निगम सदन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन, बहुमत पाने के लिए प्रयाप्त सदस्य नहीं हैं।
पिछले चुनाव में दोनों थे साथ
इससे पहले हुए चंडीगढ मेयर चुनाव में कांग्रेस-आम आदमी पार्टी ने गठबंधन किया था लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई है। इस आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव के लिए प्रेमलता को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भाजपा ने हरप्रीत कौर बबला को उम्मीदवार बनाया है। आम आदमी पार्टी को इस बार अपना मेयर बनाने के लिए कांग्रेस के साथ की जरूरत होगी। वहीं, भाजपा क्रॉस वोटिंग की उम्मीद कर रही है।
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