
नई दिल्ली: जब भारत में 4जी की शुरूआत हुई थी, तब बहुत आसानी से लोगों ने 3जी से 4जी की ओर ट्रांजिशन कर लिया था। लोगों ने अपने पुराने स्मार्टफोन का उपयोग जारी रखा और तेजी से 4जी लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन नेटवर्क से जुड़े। हालांकि इस बार 5जी की ओर जाने में कुछ परेशानियां आ रही है या यू कहें ये थोड़ी जटिल प्रक्रिया है। यहां तकनीक की समझ रखने वाले भी सोच रहे है कि कैसे उस फोन में भी 5जी का इस्तेमाल शुरू किया जाए जो पहले से 5जी रेड़ी है।
बता दें कि, ऐसे कई सवाल है जो लोगों के मन में है। क्या फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट की आवश्यकता है या 5जी से कनेक्ट करने के लिए क्या इनविटेशन चाहिए? तो आपके फोन में 5जी सेटअप करने की प्रक्रिया क्या है कुछ हद तक ये परेशानी हम आज हल करने का प्रयास करेगे।
सॉफ्टवेयर अपडेट
आपको अपने फोन पर 5G सिग्नल तब तक देखने को नहीं मिलेंगे, जब तक कि जिस ब्रांड का फोन आपके पास है, वह आपको एक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं भेजता है। यह बात उन 5जी रेडी फोन पर भी लागू होती है जिन्हें आपने पिछले साल खरीदा था। दरअसल, मोबाइल फोन हमेशा बेस्ट नेटवर्क खोजने के लिए प्रोग्राम किए जाते है। नतीजतन, भारत में बाहर से भेजे गए मोबाइल फोन को 5जी डिटेक्ट करने से रोकने के लिए ‘सॉफ्ट लॉक’ लगाया जाता है। ये लॉक लगाने का कारण यह है कि अगर आपका फोन 2 नेटवर्क के बीच जल्दी-जल्दी स्विच करेगा तो उसकी बैटरी बहुत तेजी से ड्रेन होगी। भारत में हर जगह अभी 5जी उपलब्ध नहीं है। इसलिए आप फोन के लेकर ट्रैवल करते हैं तो वो जाहिर तौर पर नेटवर्क्स के बीच स्विच करेगा और चार्ज तेजी से खत्म होगा। इसलिए आपको मोबाइल फोन कंपनी से सॉफ्टवेयर अपडेट मांगना होता है ताकि आपका फोन 5जी इनेबल हो जाए। ऐपल और सैमसंग ने कहा है कि वे अपने फोन्स के लिए अपडेट जारी करेंगे जिससे वे 5जी इनेबल हो जाएं। इसलिए अपने फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट देखते रहे।
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