
Priya Agarwal Hebbar: माइनिंग किंग और वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अचानक निधन न केवल परिवार को झकझोर गया है, बल्कि व्यापार जगत में भी चर्चा तेज हो गई है कि अब वेदांता ग्रुप का भविष्य किस दिशा में जाएगा। अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन में कठिन परिश्रम से 35,000 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई।
उनके बेटे अग्निवेश को ग्रुप की भविष्य की बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाला माना जा रहा था। हालांकि, वे सीधे वेदांता बोर्ड में शामिल नहीं थे, लेकिन फुजुराह गोल्ड जैसी कंपनियों के जरिए बिजनेस से जुड़े हुए थे। अब परिवार की अगली पीढ़ी पर सबकी नजरें टिकी हैं।
क्या प्रिया को मिलेगी जिम्मेदारी
अग्निवेश के निधन के बाद, उनकी बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बार उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। प्रिया वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और कंपनी के बड़े फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। वह न केवल बिजनेस में बल्कि पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों (ESG) के क्षेत्र में भी ग्रुप को आगे बढ़ा रही हैं।
कैसा था प्रिया का बचपन?
प्रिया का बचपन सादगी में बीता। उनके पिता ने उन्हें हमेशा फाइटर बनने की शिक्षा दी। लंदन में रहने के बावजूद उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया और किसी भी विशेष अधिकार की मांग नहीं की। सिर्फ बिजनेस में ही नहीं, प्रिया का दिल जानवरों के कल्याण के लिए भी धड़कता है। 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से एक रुपया लिए बिना अपना ड्रीम प्रोजेक्ट YODA (Youth Organization in Defense of Animals) शुरू किया। आज यह महाराष्ट्र के सबसे बड़े पशु कल्याण संगठनों में से एक है।
क्या है कंपनी में जगह?
प्रिया अग्रवाल हेब्बार के नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक ने 1 मिलियन टन के माइंड मेटल प्रोडक्शन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। Q4 2025 के अनुसार, उनके 15 स्टॉक में किए गए निवेश की कुल वैल्यू 2,133.6 करोड़ रुपये से ज्यादा है। फैमिली और विजन की बात करें तो प्रिया 2013 में आकाश हेब्बर के साथ शादी के बंधन में बंधीं और अब एक मां भी हैं। भाई अग्निवेश के निधन के बाद प्रिया पर परिवार और बिजनेस दोनों की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे वह बखूबी निभा रही हैं।
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