क्या है वो इजरायली तकनीक जिससे साफ हो गया समुद्र का पानी? यमुना नदी के झाग को कर सकता है खत्म

क्या है वो इजरायली तकनीक जिससे साफ हो गया समुद्र का पानी? यमुना नदी के झाग को कर सकता है खत्म

Yamuna Water crisis: दिल्ली के लोग न सिर्फ जहरीली हवा में जिने को मजबूर बल्कि अब पानी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। बता दें कि दिल्ली की यमुना नदी इस वक्त झागों से भरा हुआ है। पानी के ऊपर सिर्फ झाग ही झाग दिखाई देता है। झाग की तस्वीरें सैटेलाइट में भी कैद की गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी यमुना नदी के झाग के वीडियो वायरल हुए हैं। आइए आपको हम इजरायल के उस तकनीक के बारे में बताने जा रहे हैं। जिससे यमुना नदी के झाग को खत्म किया जा सकता है।

पानी साफ करने के इजरायली तकनीक को जानें

बता दें कि पानी को साफ करने यानी पीन योग्य बनाने में इजरायल सबसे आगे हैं। इजरायल अपने डिसेलिनेशन संयंत्र के जरिए रोजाना 6.30 लाख घनमीटर समुद्री पानी को पीने योग्य बनाता है। इस संयंत्र के जरिए इजरायल 40 फीसदी पानी की जरूरतों को पूरा करता है। डिसेलिनेशन संयंत्र का मतलब है खारे पानी से नमक और अशुद्धियां निकालकर पीने योग्य पानी बनाने का एक तरीका है। डिसेलिनेशन आम तौर पर रिवर्स ऑस्मोसिस, इलेक्ट्रोडायलिसिस, और थर्मल आसवन जैसी विधी के द्वारा की जाती है। आपको बता दें कि इजरायल इस तकनीक पर 1960 से काम कर रहा है। इस तकनीक के जरिए इजरायल पानी संकट से खुद को उबारता है।     

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक यमुना का पानी       

यमुना नदी के प्रदूषित जल के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खासकर त्योहारों के दौरान। साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डेस्क रिवर्स एंड पीपल के एसोशिएट कोऑर्डिनेटर भीम सिंह रावत ने यमुना नदी के झाग को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि नदी में प्रदूषण मानव स्वास्थ्य और अन्य वन्यजीवों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नदी में को प्राकृतिम माध्यम से सफाई संभव है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय नदी में ज्यादा झाग देखा जाता है।  

वहीं, विशेषज्ञ बताते हैं कि झाग में अमोनिया और फॉस्फेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। झाग त्वचा रोग का कारण बन सकता है। विशेषज्ञ का कहना है कि सड़े हुए पौधों से निकलने वाली चर्वी जब पानी में मिल जाती है। जिसके चलके नदी में झाग देखने को मिलता है। हालांकि दिल्ली सरकार ने बताया है कि सरकारी इंजीनियर को नदी की सफाई का काम सौंपा गया है। इंजीनियर ओखला बैराज और कालिंदी कुंज बैराज की निगरानी करेंगे।                                                                                                                                                             
 

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