'घुसपैठियों के कब्जे में पार्टी की कमान...', RJD की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य ने फिर बरसाए आरोपों के तीर

Rohini Acharya Statement: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक से ठीक पहले लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक पोस्ट सामने आया है। जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए भाई तेजस्वी और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD की असली कमान 'घुसपैठियों और साजिशकर्ताओं' के हाथों में है, जो लालूवाद को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब पार्टी तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा कतर रही है।
रोहिणी आचार्य ने लगाए आरोप
बता दें, रोहिणी आचार्य का यह पोस्ट परिवार और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को फिर से उजागर करता है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि सच्चा लालूवादी वह होगा जो पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल करेगा और उनकी संदिग्ध भूमिका के खिलाफ आवाज उठाएगा। उन्होंने आगे कहा 'आज जनता के हक-हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली जन-जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है, जिन्हें लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है। कब्जा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं।'
पोस्ट में रोहिणी ने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों पर सवालों से भागने, भ्रम फैलाने और लालूवाद की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नेतृत्व चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिशकर्ताओं के साथ मिलीभगत का दोष स्वत: साबित हो जाता है। यह इशारा स्पष्ट रूप से उनके भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी सलाहकारों की ओर माना जा रहा है, हालांकि नाम नहीं लिया गया।
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
बता दें, यह पोस्ट RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के ठीक पहले किया गया है, जो आज पटना के होटल मौर्या में हो रही है। बैठक में देश की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होनी है, जिसमें 85 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा 20 से ज्यादा राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक और विधान पार्षद शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, लालू प्रसाद यादव की अध्यक्षता वाली इस बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव आ सकता है, जो पार्टी की कमान उनके हाथों में सौंपने का संकेत है।
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