Brain Fog: क्या है ब्रेन फॉग? जिससे बचने के लिए लोग ले रहे हैं बिजली के झटके

Brain Fog: क्या है ब्रेन फॉग? जिससे बचने के लिए लोग ले रहे हैं बिजली के झटके

Brain Fog: दो सालों तक तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों को ठीक होने के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगी हैं। लोग लगातार भूलने और कन्सन्ट्रेट न कर पाने की शिकायतें कर रहे हैं। जो ब्रेन फोग (Brain Fog) कहलाता है। इस मानसिक विकार से बचने के लिए लोग डाइट और व्यायाम पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं कुछ लोग बिजली के झटके ले रहे हैं। 
 
ब्रेन फोग का बिजली के झटकों से इलाज करना बेहद अजीब है, लेकिन लोग वाकई ऐसा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो ब्रेन फोग से बेचने के लिए लोग घर पर ही एट-होम ब्रेन स्टिमुलेशन तकनीक की मदद ले रहे हैं। वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं अपने दिमाग को वापस से उस रफ़्तार में ला सके जो कोरोना संक्रमित होने से पहली थी।  
 
क्या है ब्रेन फोग? 
 
ब्रेन फोग, एक तरह से दिमाग में धुंध का जमा हो जाना। ये एक तरह का मानसिक विकार है, जिसमें दिमाग के सोचने-समझने और याद रखने की क्षमता प्रभावित होती है। इस स्थिति में व्यक्ति की याददाश्त शक्ति कमजोर हो जाती है। उसे सबकुछ धुंधला दिखाई देने लगता है। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति को स्थिति को समझने में भी तकलीफ होती है। 
 
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्रेन फॉग का मुख्य कारण तनाव है। तनाव से उच्च रक्तचाप बढ़ता है। उच्च रक्तचाप से स्मरण शक्ति कमजोर होती है। साथ ही थकान महसूस होती है। इस स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। कई मौके पर तो व्यक्ति की जुबान तक लड़खड़ाने लगती है। 
 
ब्रेन फोग की स्थिति में क्या करें? 
 
ब्रेन फोग होने पर मरीज को रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। साथ ही चाय और कॉफी का सेवन सीमित या फिर न हो। इस स्थिति में शराब का सेवन भी नहीं करना छाइये। इसके अलावा, रोजाना संतुलित आहार लें और एक्सरसाइज जरूर करें। सोशल एक्टिविटी करें। इससे आप खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगे।

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